लश्कर और अलकायदा के बाद आतंक का नया और सबसे खौफनाक चेहरा है आईएसएस. पहले न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर फिर मुंबई पर आतंकी हमला और अब पेरिस. आतंक का नाम कुछ भी हो लेकिन हर बार इंसानियत ही लहूलुहान होती है. ऐसा ही आतंकी हमला शुक्रवार की रात पेरिस में हुआ जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया. यह हमला दुनिया में तीसरा बड़ा आतंकी हमला बन गया.
पहला बड़ा आतंकी हमला
आज से चौदह साल पहले 11 सितंबर 2001 को पूरी दुनिया ने आतंक का वो कारनामा देखा जिसे देखकर इंसानियत खौफजदा हो गई. अमरिका के मशहूर शहर न्यूयार्क पर आतंकियों ने इस तरह हमला किया कि हर कोई हैरान रह गया. विमान के सहारे दुनिया की एक आलीशान इमारत यानी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पल में जमीदोज कर दिया गया. हजारों लोग मौत के मुंह में समा गए.
दूसरा बड़ा हमला
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई उस दिन को याद करके अब भी सिहर उठती है. वो दिन था 26 नवंबर, 2008 का जब आतंकियों ने कई जगह हमले किए. कई बेगुनाहों की जान ले ली. कई लोगों को बंधक भी बनाया गया. जिसमें विदेशी पर्यटक भी शामिल थे. पूरा देश सन्न रह गया था. 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षा बलों ने जान पर खेल कर आतंकियों को मार गिराया और एक आतंकी कसाब को जिंदा पकड़ लिया था. जिसे बाद में फांसी दी गई.
और अब पेरिस पर हमला
शुक्रवार की रात पेरिस बेफिक्र पेरिसवासी अपनी धुन में मग्न थे. हर कोई वीकेंड का मजा लेने शहर की सड़कों पर था. शहर के एक बड़े स्टेडियम में खुद फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद फुटबॉल मैच का मजा ले रहे थे. तभी इस खूबसूरत शहर पर आतंकियों ने हमला बोल दिया. एक साथ कई जगहों पर धमाके किए गए. गोली बारी हुई और कई लोगों को मौत की नींद सुला दिया गया.
पूरी दुनिया पर हुकुमत करना चाहता है आईएस
इस हमले की जिम्मेदारी दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस ने ली है. इस वहशी बन चुके आतंकी संगठन का मकसद है इराक और सीरिया सहित दुनिया भर में इस्लामिक स्टेट का झंडा लहराना. इसी मकसद को लेकर इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया का गठन हुआ है. इस संगठन ने अपने मकसद को हासिल करने के लिए आतंक को अपना हथियार बना लिया है.
जून 2014 में दुनिया के सामने आया आईएस
यही वो वक्त था, जब आईएसआईएस ने दुनिया के नक्शे पर पहली बार अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई थी. तब इस संगठन के स्वयंभू कमांडर अबु बकर अल बगदादी ने अचानक ही एक रोज़ इराक के मोसुल और तिकरित शहरों के दरम्यान खुद को इस्लामी हुकूमत का नेता बता कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश की थी. लेकिन इसके साथ ही बगदादी ने अपने जिस प्लान का खुलासा किया, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया.
इस्लाम के नाम पर कत्लेआम
बगदादी ने कहा कि वो जल्द ही दुनिया के तमाम इस्लामी मुल्कों के साथ-साथ पूरी दुनिया पर अपनी बादशाहत कायम करके रहेगा. मगर तब दुनिया ने आईएसआईएस को उतनी गंभीरता से नहीं लिया था. उसकी वजह ये थी कि बगदादी से पहले भी दुनिया में ना जाने कितने तानाशाह पैदा हुए और बर्बाद हो गए. लेकिन इस्लामी हुकूमत के नाम पर आईएसआईएस ने जिस तरीके से क़त्लेआम की शुरुआत की, उसे देख कर सबका सिर चकरा गया.
अलकायदा से अलग होकर बना आईएस
ओसामा बिन लादेन के अल-कायदा से अलग हो कर पश्चिमी इराक और पूर्वी सीरिया के एक बड़े इलाके में सुन्नी आतंकवादियों का ये गुट धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा था. लेकिन बगदादी के कमान संभालते ही आतंकवादियों के इस गुट ने अपने रास्ते में आने वाले तमाम लोगों को गाजर-मूली की तरह मारने-काटने की शुरुआत कर दी.
कत्ल के नए तरीकों से बनी पहचान
इस आतंकी संगठन ने मौत के नए तरीके अपनाए. जिन्हें देखकर मौत भी शर्मा जाए. अपने रास्ते में आने वाले लोगों को बेरहमी के साथ मौत के घाट उतारना इस संगठन का शगल बन गया. इस आतंकी गिरोह ने सिर कलम करने से लेकर, ऊंची इमारतों से नीचे फेंकने, ज़िंदा जला देने, बिठा कर सिर में नज़दीक से गोली मार देने जैसे नए मौत के खेल इजाद किए. और उनका वीडियो बनाकर जारी करना आईएस का खास शौक बन गया.
बगदादी का सपना है इस्लामी अमीरात
बगदादी का मकसद सिर्फ और सिर्फ इराक और सीरिया को जीतना नहीं है बल्कि वो तमाम लेवेंट मुल्कों यानी साइप्रस, इजरायल, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, फिलिस्तीन और टर्की को मिलाकर एक इस्लामिक अमीरात बनाना चाहता है. बगदादी के बारे में ये कहा जाता है कि वो दो बार अमरिकी हवाई हमले में बुरी तरह ज़ख्मी हो चुका है. लेकिन हकीकत यही है कि अब तक उसकी मौत की खबर सामने नहीं आई है.
दुनिया का मोस्ट वॉन्टेड है बगदादी
आईएसआईएस का सरगना अबू बकर अल बगदादी दुनिया का मोस्टवांटेड अपराधी बन चुका है. इराक में कत्ल-ए-आम मचाने वाले इस आतंकी के सिर पर 60 करोड़ का इनाम घोषित है. उसे दुनिया का सबसे बेरहम आतंकवादी कहा जाता है. बगदादी अलकायदा के कमांडर ओसमा बिन लादेन का मुरीद रहा है. और वो उसकी मौत का बदला लेना चाहता है.
आईएसआईएस के खिलाफ अभियान
बगदादी की वहशी सेना के खिलाफ अमेरिका ने अपने साथी मुल्कों के साथ मिलकर अभियान शुरु किया है. दुनिया में आईएसआईएस के तमाम ठिकानों को खत्म करने योजना बनाई गई है. जिस पर काम चल रहा है. इस कार्रवाई से आईएसआईएस को बड़ा झटका लगा. मित्र देशों की यह कार्रवाई सीरिया की असद सरकार के भी खिलाफ थी. सीरिया के गृहयुद्ध में आईएस के खिलाफ हमले के मकसद से रूस भी कूद पड़ा. जिसे असद सरकार का हिमायती माना जाता है.
फ्रांस से लिया बदला
आईएसआईएस के खिलाफ इन देशों ने तेवर और तीखे कर दिए. इस अभियान में फ्रांस बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहा था. पिछले साल सितंबर से हवाई हमलों में जुटा फ्रांस अब अपने सबसे बड़े युद्धपोत को मैदान में उतारने की तैयारी कर चुका है. इसी बात से आईएसआईएस बौखला गया है. अपने ठिकानों पर हुए हमलों से बौखलाकर ही उसने फ्रांस को दहलाने की साजिश रची. और शुक्रवार की रात आईएस ने पेरिस पर हमला करके अपने खतरनाक इरादों को जता दिया.
बयान जारी कर दी धमकी
आईएसआईएस ने शनिवार को एक बयान जारी किया. जिसमें उसने कहा कि पेरिस का हमला सीरिया में दखल और पैगंबर हजरत मौहम्मद के अपमान का नतीजा है. बयान में धमकी दी गई कि अगर फ्रांस ने अपनी इस नीति को लंबे वक्त तक जारी रखा तो वह आईएसआईएस के निशाने पर रहेगा.