यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी बाबा नपुंसक नहीं हैं. इस बात का खुलासा पोटेंसी टेस्ट की रिपोर्ट में हुआ है. दरअसल, बाबा ने कोर्ट में खुद को नपुंसक बताते हुए सारे आरोपों को निराधार बताया था. उसके बाद एक मेडिकल बोर्ड की देखरेख में उनका पोटेंसी टेस्ट किया गया.
आरोपी बाबा बलात्कार के आरोप में जेल में बंद है. कोर्ट में फलाहारी बाबा ने खुद को नपुंसक बताया था जिसके बाद फलाहारी बाबा की मर्दानगी का टेस्ट हुआ. मेडिकल बोर्ड ने बाबा का पोटेंसी टेस्ट किया तो नतीजा पॉजिटिव आया. इससे पहले बाबा ने कोर्ट में कहा था कि वो सेक्स इच्छा पर काबू रखने के लिए जड़ी बूटियां खाता है इसलिए बलात्कार नहीं कर सकता.
इससे पहले सोमवार को फलाहारी बाबा ने कोर्ट को अर्जी देकर खाने के लिए फल, पीने के लिए गंगाजल और गाय का दूध उपलब्ध कराने की मांग की थी. एसीजेएम संख्या-3 प्रवीण कुमार मिश्रा ने बाबा के इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद राजस्थान बंदी नियम 1951 के तहत जेल अधीक्षक को ऐसी मांग पर कोई निर्देश दिया जाना न्यायोचित नहीं माना.
अदालत ने बाबा का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया. कोर्ट में फलाहारी बाबा की ओर कहा गया कि वह संत है और 40 साल से खाने में फल और पीने के लिए गाय का दूध और गंगाजल ही ग्रहण करता है.
फिलहाल, जेल मैन्यूअल के हिसाब से फलहारी बाबा को केले दिए गए और आर.ओ. का पानी दिया गया. जेल अधिकारियों के अनुसार फलहारी दिन भर अपना मुंह ढंक कर सोया रहता है.
इससे पहले बाबा ने बीमार का बहाना बनाया था. लेकिन राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के 5 डाक्टरों की टीम ने जांच के बाद बाबा को फिट घोषित कर दिया था. बाबा के कब्जे से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल आदि को जांच के लिए भेजा गया है.
अलवर के एसपी राहुल प्रकाश ने बताया कि बाबा फिलहाल जेल में खाना नहीं खा रहा है, बाबा ने अभी तक जेल में केवल केले खाए हैं. बाबा को जेल की डिस्पेंसरी में ड्रिप लगाई गई थी. जिसके बाद वह स्वस्थ है. जेल के डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं.
एसपी अलवर राहुल प्रकाश ने बताया कि पुलिस ने बाबा का पोटेंसी टेस्ट करवाया है. रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अब रिपोर्ट को न्यायालय में पेश किया जाएगा. जांच में पता चला कि बाबा के पास ज्यादातर वो महिलाएं आती थी , जिनकी कोई संतान नहीं होती. बच्चा पैदा करने के नाम पर बाबा उन महिलाओं को जड़ी-बूटी पिलाता था. इसके बदले उनसे मंहगे उपहार लेता था.
गौरतलब है कि फलहारी बाबा के खिलाफ 11 सितंबर को बिलासपुर की एक 21 वर्षीय लॉ स्टूडेंट ने महिला थाने में बलात्कार की जीरो एफआईआर दर्ज करवाई थी. इसके बाद वहां की पुलिस केस अलवर पुलिस को भेज दिया था. अलवर पुलिस ने 20 सितंबर को एफआईआर दर्ज की और 23 सितंबर के दिन बाबा को गिरफ्तार कर लिया था. कोर्ट ने बाबा को 6 अक्टूबर तक के लिए जेल भेजा है.