13 नवंबर को राजधानी पटना से सटे पालीगंज में अपराधियों ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता और ब्लॉक अध्यक्ष अमित भूषण वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस घटना में एक अन्य युवक को भी गोली लगी थी और वह घायल हो गया था. पुलिस ने शुक्रवार को इस हत्याकांड के सिलसिले में बिट्टू शर्मा नाम के एक व्यक्ति को अरवल जिले से गिरफ्तार किया.
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पटना एसएसपी मनु महाराज ने कहा कि आरएलएसपी नेता अमित भूषण वर्मा की हत्या की साजिश रणवीर सेना के पूर्व कमांडर अनिल शर्मा ने रची थी. पुलिस ने बताया कि यह हत्या आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई की वजह से हुई.
पुलिस के मुताबिक छठ पूजा के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आरएलएसपी नेता की हत्या अनिल शर्मा के भतीजे बिट्टू शर्मा और मिट्ठू शर्मा ने की. बिट्टू शर्मा को पुलिस ने अलवर जिले के करपी थाना अंतर्गत पूरण गांव से गिरफ्तार किया. पुलिस फिलहाल बिट्टू शर्मा के भाई मिट्ठू शर्मा की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है जो फिलहाल फरार है.
पुलिस ने बिट्टू शर्मा के पास से देसी पिस्तौल भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल इस हत्याकांड में किया गया था. इस पूरे मामले में पटना एसएससी मनु महाराज ने खेड़ी मोड़ के थाना प्रभारी कृष्ण प्रसाद बर्खास्त कर दिया है. स्थानीय थाने पर आरोप है कि जिस वक्त छठ सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अपराधियों ने रालोसपा नेता की हत्या की, उस वक्त थाना प्रभारी समेत कई पुलिस वाले मौके पर मौजूद थे, मगर उनकी मौजूदगी में ही इस हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया और वह देखते रह गए.
सूत्रों के मुताबिक अपराधियों का असली निशाना नवीन यादव था. अनिल शर्मा गुट के साथ उसका 36 का आंकड़ा था. नवीन यादव को ही खत्म करने के इरादे से अनिल शर्मा ने अपने भतीजे को छठ पूजा संस्कृति कार्यक्रम में भेजा था, मगर किसी कारणवश नवीन यादव उस कार्यक्रम में नहीं पहुंचा तो हत्यारों ने नवीन यादव के सहयोगी अमित भूषण वर्मा की हत्या कर दी.