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विकास यादव को आजीवन कारावास पर विचार करेगा सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव और अन्य को मृत्युदंड देने की मांग करने वाली दिल्ली सरकार की याचिका को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि वह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा पर विचार करेगा. न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए फरवरी के पहले सप्ताह का समय तय किया है.

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नीतीश कटारा की हत्या के जुर्म में विकास यादव को 25 साल की सजा मिल चुकी है
नीतीश कटारा की हत्या के जुर्म में विकास यादव को 25 साल की सजा मिल चुकी है

सर्वोच्च न्यायालय ने नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव और अन्य को मृत्युदंड देने की मांग करने वाली दिल्ली सरकार की याचिका को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि वह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा पर विचार करेगा. न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए फरवरी के पहले सप्ताह का समय तय किया है.

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न्यायालय ने हालांकि दोषियों को मृत्युदंड देने की दिल्ली सरकार की याचिका खारिज कर दी, लेकिन उसने आजीवन कारावास और मृत्युदंड के बीच की कोई सजा देने का अपील करने वाली दिल्ली सरकार की याचिका स्वीकार कर ली.

विकास यादव व अन्य को नीतीश कटारा की हत्या के लिए 25 साल और हत्या की साजिश के लिए पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है. उच्च न्यायालय ने कहा था कि दोनों सजा एक साथ चलेंगी, जिसका अर्थ यह हुआ कि दोषियों को कुल 30 साल जेल में गुजारने होंगे.

पूर्व में, नीतीश की मां नीलम कटारा ने दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था. शीर्ष अदालत ने कहा था कि हत्या का यह मामला 'दुर्लभ से दुर्लभतम' की श्रेणी में नहीं आता है.

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-इनपुट IANS

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