दिल्ली पुलिस के एक सिपाही पर 'खाकी वर्दी' की हनक इस कदर सवार हुई कि उसने एक एसडीएम की पिटाई कर डाली. मामला मामूली से विवाद का था लेकिन सिपाही ने आपा खो दिया और एसडीएम पर हमला कर दिया.
घटना गुरुवार को दिल्ली के लोनी रोड की एमआईजी कॉलोनी में हुई. एसडीएम और सिपाही एक ही बिल्डिंग में अलग-अलग फ्लोर पर रहते हैं. दोनों के बीच मलबा डालने को लेकर कहासुनी हुई थी. आरोप है कि उसी दौरान सिपाही ने एसडीएम पर सरेआम हमला कर दिया और जाति-सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज भी की.
बदसलूकी का शिकार होने वाले एसडीएम राजबीर सिंह शाहदरा डिस्ट्रिक्ट में तैनात हैं. उनकी शिकायत पर ज्योति नगर पुलिस ने IPC की दफा 323, 341 और 506 के तहत मारपीट, आपराधिक इरादे से रास्ता रोकने और धमकी देने का केस दर्ज किया है. इन दफाओं में थाने से जमानत देने का प्रावधान है.
वैसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपी को गिरफ्तार करने के मूड में नहीं लग रहे हैं. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, इसलिए आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप की भी जांच चल रही है. इससे संबंधित दफाओं को फिलहाल एफआईआर में नहीं लिखा गया है.
सूत्रों के अनुसार, राजबीर एमआईजी कॉलोनी के फ्लैट नंबर 935 में परिवार समेत रहते हैं, जो तीसरी मंजिल पर है. उनके नीचे वाले फ्लोर पर सिपाही सुधीर कक्कड़ परिवार का साथ रहता है. उनका फ्लैट नंबर 934 है. गुरुवार को एसडीएम के घर में मरम्मत का काम चल रहा था, जिसका मलबा उन्होंने बाहर रखवाया था.
आरोप है कि सिपाही ने मलबा डालने पर आपत्ति जताई. एसडीएम ने कहा कि मलबा साइड में रखवाया है, काम होते ही उठवा देंगे. लेकिन इस बात पर सिपाही तमतमा गया. और कहासुनी के चलते उसने एसडीएम से मारपीट की और गाली-गलौज करने लगा.
एसडीएम ने कहा कि कॉलोनी के लोग घटना के चश्मदीद हैं. एसडीएम ने 100 नंबर कॉल भी की थी. उनके बयान पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. आरोपी सिपाही की तैनाती फिलहाल किसी बटालियन में बताई जा रही है.