स्वामी चिन्मयानंद संत परंपरा से आते हैं और वह महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर भी हैं. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के सूत्रों के मुताबिक स्वामी चिन्मयानंद संत परंपरा से आते हैं लेकिन यह कृत्य निंदनीय और शर्मनाक है लिहाजा इससे साधु-संतों की बदनामी हो रही है. कानून के मुताबिक उन्हें सजा भुगतनी पड़ेगी, लेकिन संत समाज भी उन्हें अपने सानिध्य से बहिष्कृत करेगा.
अखाड़ा परिषद ने यह भी कहा कि जब तक कोर्ट के आदेश से वह निर्दोष साबित नहीं होते तब तक वह संत समाज से बहिष्कृत ही रहेंगे. स्वामी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी के बाद उनके वकीलों ने उन्हें जमानत दिलाने की भरसक कोशिश की लेकिन शनिवार को छुट्टी होने की वजह से अदालत में उनकी अर्जी स्वीकार नहीं हो सकी.
बता दें एसआईटी ने चिन्मयानंद को शुक्रवार (20 सितंबर) को गिरफ्तार किया था. चिन्मयानंद को उनके मुमुक्ष आश्रम से गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है.