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नीतीश कटारा हत्याकांड के मुख्य गवाह को जान से मारने की धमकी

बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड के मुख्य गवाह अजय कटारा ने डीपी यादव और उसके साथियों पर 5 करोड़ रुपये मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है. इस संबंध में दिल्ली के वसंत कुंज थाने में केस दर्ज कराया है.

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बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड
बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड

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बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड के मुख्य गवाह अजय कटारा ने डीपी यादव और उसके साथियों पर 5 करोड़ रुपये मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है. इस संबंध में दिल्ली के वसंत कुंज थाने में केस दर्ज कराया है. आरोप है कि विकास और विशाल यादव की पैरोल और जमानत का विरोध नहीं करने के लिए धमकी दी गई है.

अजय कटारा का आरोप है कि ये लोग पहले भी 8 बार उस पर जानलेवा हमला कर चुके हैं. विकास और विशाल यादव, नीतीश कटारा हत्याकांड में जेल की सजा काट रहे हैं. पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को 5 साल कम कर दिया था. तीनों दोषी विकास, विशाल यादव और सुखदेव पहलवान ने सजा कम करने को लेकर याचिका दायर की थी.

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सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव की सजा को 30 साल से घटाकर 25 साल कर दिया. वहीं, हत्याकांड के तीसरे दोषी सुखदेव पहलवान की सजा को भी 25 साल से घटाकर 20 साल कर दिया गया. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी विकास और विशाल यादव को हत्या का दोषी मानते हुए 25 साल और सुखदेव पहलवान को 20 साल की सजा सुनाई थी.

वहीं तीनों आरोपियों को सबूत मिटाने के लिए 5 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई थी. इस तरह विकास और विशाल को 30 साल और सुखदेव को 25 साल तक जेल में रहना पड़ता. सजा पर बहस के दौरान विकास यादव की ओर से दलील दी गई थी कि हत्या के मामले में फांसी या फिर उम्रकैद की सजा का प्रावधान है. उम्रकैद में फिक्स टर्म तय नहीं किया जा सकता.

सजा में छूट देने का अधिकार सिर्फ एग्जीक्यूटिव के पास सुरक्षित हैं और ऐसे में उसमें दखल नहीं दिया जा सकता. वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन ने दलील दी थी कि सुप्रीम कोर्ट की एक बड़ी बेंच श्रद्धानंद के केस में इस बात की व्याख्या कर चुकी हैं कि, अदालत सजा में छूट देने के बारे में अवधि तय कर सकती है.

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बताते चलें कि नीतीश कटारा की हत्या साल 2002 में 16-17 फरवरी की दरम्यानी रात को दिल्ली में की गई थी. दरअसल नीतीश के बाहुबली नेता डी.पी. यादव की बेटी भारती यादव से प्रेम संबंध थे, जिनसे भारती का भाई विकास यादव खुश नहीं था. विकास ने अपने चचेरे भाई विशाल यादव और सुखदेव पहलवान के साथ मिलकर नीतीश की हत्या कर दी थी.

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