देश में तीन तलाक के मुद्दे पर बहस जारी है. मसले का हल अभी कोसों दूर खड़ा नजर आ रहा है. मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक की इस रूढ़िवादी परंपरा से हर हाल में निजात पाना चाहती हैं, लेकिन समाज के ठेकेदार उनकी बेड़ियों को खोलने के लिए हरगिज तैयार नहीं है. पीलीभीत की रेहाना को उसके पति ने विदेश से फोन पर तलाक दे दिया तो वहीं नैनीताल जिले के रामनगर की रहने वाली सोनी पति द्वारा तलाक दिए जाने के बाद अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है.
तीन तलाक का दंश मुस्लिम महिलाओं के लिए अभिशाप बनता जा रहा है. जिंदगी भर का साथ तीन बार तलाक, तलाक और तलाक बोलने से चुटकियों में दम तोड़ रहा है. पीलीभीत की रहने वाली रेहाना का अस्पताल में इलाज चल रहा है. दरअसल रेहाना पर एसिड से हमला हुआ है.
पति ने विदेश से फोन पर दिया तलाक
रेहाना के पति ने न्यूजीलैंड से फोन पर उसे तलाक दे दिया तो उसके ससुरालियों ने उसे घर से निकालने के लिए हर संभव कोशिश कर डाली. रेहाना जब घर से निकलने को तैयार नहीं हुई तो उसके साथ मारपीट की गई और एक दिन उस पर एसिड फेंक दिया गया. इस हैवानियत की वजह साफ है, तलाक.
फोन पर दिए तलाक को नहीं मानती
रेहाना की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. ससुराल पक्ष के सभी लोग अभी फरार हैं. रेहाना कहती हैं कि वह फोन पर तलाक दिए जाने को नहीं मानती हैं. पति फोन पर तीन बार तलाक बोल दे या फिर प्रत्यक्ष रुप से सामने, जाहिर है मुस्लिम महिलाएं इसी दंश से तो निजात पाना चाहती हैं. फिलहाल रेहाना ने अपने गुनाहगारों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है.
पति ने सोनी को बता दिया पागल
वहीं नैनीताल जिले के रामनगर की रहने वाली सोनी की जिंदगी पल भर में बिखर गई. सोनी भी रेहाना की तरह तीन तलाक की शिकार है. सोनी को उसके पति ने पहले तो पागल करार दे दिया और फिर अपने पिता के कहने पर तलाक, तलाक और तलाक बोलकर उसे एक झटके में अपनी जिंदगी से ऐसे अलग कर दिया, मानो जैसे वह कभी उसकी जिंदगी का हिस्सा थी ही नहीं.
दिमागी संतुलन खो बैठी है सोनी
सोनी इस गहरे सदमे से इतनी बुरी तरह टूट चुकी है कि लगभग अपना दिमागी संतुलन खो बैठी है. सोनी की मां का आरोप है कि उन्होंने ससुराल पक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. सोनी की मां ने अब वरिष्ठ पुलिस अफसरों से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी को इंसाफ दिलाया जाए.
हर रोज सामने आ रहे हैं तीन तलाक के केस
गौरतलब है कि एक ओर जहां तीन तलाक के मुद्दे पर पूरे भारत में बहस छिड़ी हुई है, सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई चल रही है. इसके बावजूद तीन तलाक जैसे गंभीर मामले लगभग हर रोज सामने आ रहे हैं. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बैठक में फैसला किया था कि अगर कोई शख्स अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा.
सती प्रथा की तरह खत्म हो तीन तलाक
यूपी के अमरोहा में निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदर मौलाना यासूब अब्बास ने तीन तलाक को खत्म करने का समर्थन किया. उन्होंने तीन तलाक को सती प्रथा से जोड़ते हुए उस कुप्रथा की तरह ही तीन तलाक को भी खत्म करने की वकालत की. मौलाना ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर इस मसले का हल न निकालने का भी आरोप लगाया.