उन्नाव गैंगरेप मामले में लगातार दबाव के बाद अब आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके साथियों पर एफआईआर दर्ज हो गई है. इस मामले में अब सीबीआई जांच करवाने की सिफारिश भी की गई है. एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आने के बाद पीड़िता के चाचा ने आजतक से खास बात की. उन्होंने कहा कि अगर ये ही एफआईआर चार महीने पहले दर्ज होती तो शायद पीड़िता के पिता जिंदा होते.
आजतक से बात करते हुए पीड़िता के चाचा ने कहा कि हां, एफआईआर कल रात को दर्ज हो गई थी, हमें कॉपी मिल गई है. उन्होंने कहा कि विधायक जी अपनी ठाकुर लॉबी के द्वारा सरकार पर दबाव बना रहे हैं, एसआईटी की टीम पर भी दबाव बनाया जा रहा है.
पीड़िता के चाचा ने कहा कि हमें संतुष्टि है लेकिन ये ही एफआईआर चार महीने पहले दर्ज हो गई होती तो आज मेरा भाई (पीड़िता के पिता) जिंदा होता. मैं उम्मीद करता हूं कि शाम तक उनकी गिरफ्तारी हो ताकि हम सुरक्षित रह सकें. विधायक लोग ताकतवर हैं, बाहुबली हैं जबतक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक संतुष्टि नहीं होगी.
आपको बता दें कि इस मामले में उन्नाव जिला अस्पताल के 2 डॉक्टरों को सस्पेंड किया गया है. इसके अलावा जेल अस्पताल के भी तीन डॉक्टरों पर गाज गिरी है. इनपर पीड़िता के पिता के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप है. वहीं, सीओ सफीपुर कुंवर बहादुर सिंह भी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किए गए हैं.
आपको बता दें कि लगातार बन रहे दबाव के बाद उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का केस दर्ज हुआ है. पीड़िता की मां की तहरीर पर उन्नाव के माखी थाने में ये केस दर्ज हुआ है. माखी थाने में आईपीसी की धारा 363, 366, 376, 506 और पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है. इस एफआईआर में विधायक कुलदीप सिंह के साथ शशि सिंह भी नामजद किया गया है.
SSP आवास के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा
गौरतलब है कि बुधवार की शाम को लखनऊ एसएसपी के आवास के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला था. आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर देर रात बेहद नाटकीय घटनाक्रम के तहत एसएसपी आवास पहुंच गए. उन्होंने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि वह सिर्फ एसएसपी से मिलने आए थे. सरेंडर के सवाल पर उन्होंने कहा कि जैसा पार्टी हाईकमान आदेश देगा, वे उसका पालन करेंगे.
सीएम आवास पर आत्मदाह का प्रयास
बताते चलें कि उन्नाव की रहने वाली 18 वर्षीय एक युवती ने बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर और उनके भाइयों पर पिछले साल गैंगरेप का आरोप लगाया था. अदालत के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था. आरोपियों के बजाय अपने पिता के खिलाफ कार्रवाई किये जाने से क्षुब्ध होकर पीड़ित युवती ने आत्मदाह का प्रयास किया था.
पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां
पीड़िता के पिता को बीते रविवार रात को जेल में पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां शुरू हुई थीं. इस पर उसे तुरंत जिला अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गई. मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष थी. मृतक के परिजन ने बीजेपी विधायक पर जेल में हत्या कराने का आरोप लगाया है.