उत्तर प्रदेश में बांदा जिले में कमासिन थाना परिसर में बने सरकारी आवास पर एक महिला सिपाही ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसकी मौत का मामला उस वक्त और उलझ गया, जब पुलिस को वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ. जिसमें मृतका ने पुलिस महकमे को ही कठघरे में खड़ा कर दिया. मृतका के पिता भी पुलिस में हैं.
घटना मंगलवार देर शाम की है. बांदा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मृतका सिपाही 25 वर्षीय नीतू शुक्ला ने फांसी लगाकर जान दे दी. उसके बिस्तर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें नीतू ने चार सिपाहियों पर उसका उत्पीड़ित किए जाने का आरोप लगाया है.
बांदा के पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने गुरुवार को बताया कि तीन डॉक्टरों की टीम से नीतू के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है. नीतू के पिता अनिल कुमार शुक्ला भी यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक है. उनके आरोपों के मद्देनजर क्षेत्राधिकारी सदर कुलदीप गुप्ता को मामले की जांच सौंपी गई है
मामले की जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के साथ-साथ नीतू के सुसाइड नोट की जांच भी की जा रही है. उसी के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी. एसपी आनंद ने बताया कि घटना की सूचना डीजीपी कार्यालय लखनऊ को भी भेज दी गई है.
उधर, मृतका सिपाही के उपनिरीक्षक पिता अनिल कुमार शुक्ला ने कहा कि उनकी बेटी के बाहरी अंगों पर चोट के निशान पाए गए हैं. साथ ही सुसाइड नोट में लड़की ने चार सिपाहियों द्वारा घोर उत्पीड़न किए जाने के जिक्र किया है, जिससे आत्महत्या का मामला संदिग्ध लग रहा है.
हरदोई जिले में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात शुक्ला ने कहा कि फोन पर बात करते वक्त मेरी बेटी बेहद डरी-सहमी रहती थी. इस मामले में एसपी ने थानाध्यक्ष प्रतिमा सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है. लेकिन महिला सिपाही की कथित आत्महत्या ने बांदा के पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है. हैरानी की बात है कि नीतू की प्रताड़ना के आरोपी सिपाहियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.