जांच के लिए कमेटी गठित
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जांच कमेटी के निष्कर्षों के आधार पर सरकार एक्शन लेगी. स्वास्थ्य मंत्री ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए कहा कि 5 जून को ये महिला इलाज के लिए ईएसआई हॉस्पिटल नोएडा गई और वहां से उसे सरकारी अस्पताल जिला संयुक्त चिकित्सालय रेफर किया गया. इस अस्पताल में भी किसी कारणवश महिला को भर्ती नहीं किया गया.
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पैसे लेकर भी नहीं किया इलाज
महिला को अस्पताल में भर्ती कराने में हुई पीड़ा की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद महिला के परिजन उसे शिवालिक अस्पताल ले गए, जहां अस्पताल ने महिला के परिवारवालों से पांच हजार रुपये लिए, उसे एक घंटे तक अस्पताल में रखा, मगर ठीक से उसका इलाज नहीं किया इसके बाद उसे वहां से वापस भेज दिया गया. इसके बाद महिला फोर्टिस, जेपी और मैक्स हॉस्पिटल गई, जहां उसे भर्ती नहीं किया गया.
अदद बेड के लिए भटकती रही गर्भवती
प्रशासन के मुताबिक एक अदद बेड के लिए भटकते हुए गर्भवती महिला की अस्पताल में ही मौत हो गई. स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि यह काफी गंभीर विषय है और इस मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नोएडा में एक कमिटी बना दी गई है.
इस कमेटी में एडीएम, सीएमओ और एक महिला चिकित्सिक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में जिला चिकित्सालय की भी लापरवाही सामने आई है. इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी. प्राइवेट अस्पतालों ने पैसा लेकर उपचार क्यों नहीं किया इस मामले की भी जांच की जा रही है.
इस बीच नोएडा के डीएम ने कहा है कि गर्भवती महिला के साथ जो हुआ वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था. उन्होंने कहा कि इस पक्ष से जुड़े सभी लोगों का बयान लिया जा रहा है.