उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के नाम पर www.upbme.org नाम की फर्जी वेबसाइट बनाने का मामला सामने आया है. जिसके आरोपी को यूपी एसटीएफ ने देश की राजधानी दिल्ली के जामिया नगर से गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक आरोपी काफी शातिर दिमाग का था. आरोपी के जरिए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के नाम पर www.upbme.org फर्जी वेबसाइट बनाकर बैकएंड पर कोडिंग की गई थी. जिससे आरोपी उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की वेबसाइट समझ कर वेबसाइट पर विजिट करने वाले यूजर के जरिए लिंक को क्लिक करने पर YouTube पर बनाये गए Ishanllb नामक चैनल को सब्सक्राइब करवाता था.
वरिष्ठ सहायक, मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से थाना हजरतगंज में दर्ज मामले के तहत आरोपी पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और सूचना प्रोद्यौगिकी अधिनियम 2008 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कि वर्तमान मे madarsaboard.upsdc.gov.in उत्तर प्रदेश सरकार का अधिकृत पोर्टल है. लेकिन www.upbme.org नामक फर्जी वेबसाइट उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के नाम से चल रही थी. इस फर्जी वेबसाइट में मदरसे की आधिकारिक वेबसाइट से कई सूचनाओं को डाउनलोड कर अपलोड की गई थी.
यूपी एसटीएफ के जरिए इस मामले में दिल्ली से मो. ईशा राही नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. ईशा के जरिए साल 2016 में upbme.org नामक डोमेन लेकर www.upbme.org नाम से वेबसाइट डेवलप की गई. समय-समय पर ईशा इसे अपडेट करता रहता है. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यूपी मदरसा शिक्षा परिषद की वेबसाइट से डेटा कॉपी कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर देता है. वहीं वेबसाइट बनाते वक्त कॉन्टेक्ट पेज पर उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद का नंबर और पता भी डाल दिया, ताकि लोग इसे उत्तर प्रदेश सरकार का अधिकृत पोर्टल मानें.
30 लाख फॉलोवर
आरोपी ने बताया कि उसने साल 2016 में YouTube पर Ishanllb नाम का चैनल बनाया. जिस पर वो ट्यूटोरियल वीडियो बनाकर अपलोड करता है. आरोपी के मुताबिक सब्सक्राइबर, व्यूअर और विज्ञापन की मदद से गूगल से उसे हर महीने 1.5 लाख रुपये से 2 लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है. वहीं YouTube पर उसके चैनल के करीब 30 लाख फॉलोवर भी हैं.
आरोपी के मुताबिक www.upbme.org वेबसाइट पर उसने बैकएंड पर कोडिंग की थी. जिसके कारण उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की वेबसाइट समझ कर वेबसाइट पर विजिट करने वालों के जरिए लिंक को क्लिक करने पर YouTube पर उसके जरिए बनाए गए Ishanllb चैनल अपने आप ही सब्सक्राइब हो जाता. इसके कारण आरोपी के यूट्यूब चैनल पर सब्सक्राइबर और व्यूअर बढ़ते ही रहते हैं.
वहीं पुलिस के मुताबिक बैंक स्टेटमेंट से पता चला है कि ईशा के बैंक खाते में अप्रैल 2018 से अब तक कुल 69 लाख रुपये आये है. वहीं पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.