भारतीय सेना के लिए बोईंग कंपनी के छह अपाचे AH-64E अटैक हेलिकॉप्टर्स आने थे. उनक अब तक इंतजार है. दो बैच में ये हेलिकॉप्टर मिलते. लेकिन इसमें देरी क्यों हो रही है, वह चीज बोईंग कंपनी ने अब बताई है. ये डील हुए चार साल होने को हैं. छह हेलिकॉप्टर के लिए 6716 करोड़ रुपए की डील हुई थी.
8 अगस्त को अमेरिका के अलबामा में अपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ. इंस्ट्रक्टर पायलट की मौत हो गई. दूसरा पायलट जख्मी था. हादसे की असली वजह तो नहीं सामने आई लेकिन ये कहा जा रहा है कि हेलिकॉप्टर के इलेक्ट्रिकल पावर जेनरेटर फेल हो गए थे. जिसकी वजह से कॉकपिट में धुआं भर गया था.
इसलिए बोईंग कंपनी ने फिलहाल सभी नए हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी को रोक दिया है. जब तक नए हेलिकॉप्टरों में इस समस्या की जांच नहीं हो जाती. तब तक डिलिवरी नहीं होगी. भारत को ये डिलिवरी इस साल मई-जून में होनी थी. लेकिन अब तक हो नहीं पाई है. idrw के मुताबिक इस साल के अंत तक उम्मीद भी कम है.
आइए जानते हैं इस हेलिकॉप्टर की ताकत के बारे में... अपाचे हेलिकॉप्टर में अत्याधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी है. ज्वाइंट टैक्टिकल इन्फॉर्मेशन डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम है. फेस गियर ट्रांसमिशन से लैस है. इसकी गति, क्लाइंब रेट और पेलोड क्षमता को बढ़ा सकते है. इसमें संचार के लिए C, D, L और Ku फ्रिक्वेंसी बैंड है.
इसके साथ ड्रोन्स भी उड़ा सकते हैं. यानी एक हेलिकॉप्टर से कई ड्रोन्स को नियंत्रित करके दुश्मन के इलाके को तबाह कर सकते हैं. इसे उड़ाने के लिए 2 पायलटों की जरूरत होती है. लंबाई 58.2 फीट और ऊंचाई 12.8 फीट है. बिना किसी हथियार या ईंधन के इसका वजन 5165 kg होता है. उड़ान के समय यह 10,433 kg वजन उठा सकता है.
इसमें जनरल इलेक्ट्रिक के 2 टी700-जीई-701 टर्बोशिफ्ट इंजन लगे हैं. जो इसे 1409 किलोवॉट की ताकत देते हैं. चार ब्लेड वाले इसके मुख्य पंखे का व्यास 48 फीट है. यह अधिकतम 293 km/hr की रफ्तार से उड़ सकता है. आमतौर पर इसे 265 km/hr की गति से उड़ाया जाता है. पायलट इसे कभी भी 365 km/hr तक नहीं ले जाते.
लॉन्गबो रडार मास्ट के साथ यह 476 km कॉम्बैट रेंज तक उड़ान भर सकता है. फेरी रेंज 1896 km है. अधिकतम 20 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें एक 30 मिमी की एम230 चेन गन लगती है. जो एक मिनट में 1200 राउंड फायर करती है. इसके अलावा चार पाइलॉन हार्डप्वाइंट्स हैं. विंगटिप पर AIM-92 स्टिंगर ट्विन मिसाइल पैक लगा सकते हैं.