कुछ महीनों पहले अमेरिका ने भारत को अपने बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम का ऑफर दिया था. अब भारत सरकार इस हथियार पर विचार कर रही है. यह खास तरह की एयर डिफेंस सिस्टम वाली इंफैन्ट्री कॉम्बैट व्हीकल हैं.
इसका नाम है Stryker M-Shorad एयर डिफेंस व्हीकल. इस बख्तरबंद गाड़ी में हवाई हमले से सुरक्षा के हथियार लगे हैं. साथ ही कई ऐसे वेपन भी हैं, जो दुश्मन के टैंक, हेलिकॉप्टर, विमान, फाइटर जेट या सैन्य टुकड़ी पर भी निशाना लगा सकते हैं.
अमेरिका ने पिछले साल यह ऑफर दिया था. अमेरिका ने कहा था कि भारतीय एक्सपर्ट हमारी गाड़ियों की जांच-पड़ताल कर लें. यह देख लें कि भारत की जियोग्राफी के अनुसार यह 8 पहियों वाली गाड़ी काम की है या नहीं.
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका स्ट्राइकर सिस्टम को भारत में बेचना न चाहता रहा हो. भारतीय पक्ष के उच्च-स्तरीय अधिकारियों से बातचीत के बाद एक बार फिर अमेरिका ने यही हथियार बेचने की फरमाइश की है.
अभी तक भारत सरकार या रक्षा एक्सपर्ट्स ने कोई फैसला नहीं लिया है. अब यह जानते हैं कि स्ट्राइकर फाइटिंग व्हीकल्स की खासियत क्या है? Stryker असल में बख्तरबंद पर्सनल कैरियर-इंफैन्ट्री फाइटिंग व्हीकल है.
इसे कनाडा और अमेरिका ने मिलकर बनाया है. इसके दो वैरिएंट आते हैं. पहला 16.47 टन का है. दूसरा 18.77 टन का है. एक व्हीकल की कीमत 40 करोड़ रुपए से अधिक होती है.
स्ट्राइकर फाइटिंग व्हीकल 22.10 फीट लंबी होती है. चौड़ाई 8.11 फीट और ऊंचाई 8.8 फीट की है. इसे चलाने के लिए दो सैनिकों की जरूरत होती है. लेकिन इसमें अधिकतम 9 लोग सवार हो सकते हैं.
इसका कवच यानी बख्तरबंद बोल्ट ऑन सिरेमिक ऑर्मर है. यानी 14.5 x 114 मिलिमीटर प्रोटेक्शन वाली मोटी परत. इसके ऊपर M2 Machine Gun या 40 mm के एमके 19 ग्रैनेड लॉन्चर लगा होता है.
इसे प्रोटेक्टेड रिमोट वेपन स्टेशन से चलाया जाता है. या फिर 30 मिलिमीटर की एमके 44 बुशमास्टर या 105 मिलिमीटर की M68A2 गन लगी होती है. ये सभी गन हैवी मशीन गन या छोटे ऑटोकैनन के फॉर्मेट में आती है.