इजरायली सेना की एटजियोनी ब्रिगेड के 8103 बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल एलिशामान जैकब कहते हैं कि हमने रिजर्व ड्यूटी में 200 दिन बिताए हैं. लेकिन ऐसा नजारा आजतक नहीं देखा. लेबनान के गांवों में लगभग हर घर में हथियारों का जखीरा मिला है. (सभी फोटोः एपी/रॉयटर्स)
जैकब कहते हैं कि ये सारा जखीरा हिज्बुल्लाह है. ऐसा लगता है कि हिज्बुल्लाह आतंकी पिछले साल के 7 अक्टूबर वाले हमास के हमले की तरह ही हमले की साजिश कर रहे थे. या तैयारी कर रहे थे.
यहां चारों तरफ तबाही है लेकिन हर तबाही के पीछे की एक वजह भी है. पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के हमले के ठीक एक दिन बाद हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल पर हमला किया था.
उसने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि उसे हमास का समर्थन करना था. साल भर दोनों आतंकी समूहों से हमले बर्दाश्त करने के बाद इस साल इजरायल ने सितंबर में भयानक हमला किया.
हमास और हिज्बुल्लाह के आतंकी आकाओं को खत्म कर दिया. बेरूत में सीनियर लीडर्स को मारा. पेजर और वॉकी-टॉकी से हमला करके पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. साथ ही हमास और हिज्बुल्लाह आतंकियों के मन में डर पैदा कर दिया. उनका पूरा कम्यूनिकेशन सिस्टम बर्बाद कर दिया.
इसके बाद लिमिटेड हमला शुरू किया गया. यानी सीमित और सटीक हमला. इजरायल ने लेबनान में मौजूद हिज्बुल्लाह के ठिकानों और इमारतों को उड़ाना शुरू किया. एयरस्ट्राइक के जरिए.
हमला सिर्फ हिज्बुल्लाह के अड्डों पर हो रहा था. इसमें हिज्बुल्लाह के 2000 लड़ाके मारे गए. जब यहां के गांवों के घरों में हथियारों की जांच शुरू की गई तो पता चला कि ज्यादातर गांवों के लगभग हर घर में भयानक हथियारों का जखीरा है.
इजरायली सैनिक कहते हैं कि यहां इतना जखीरा है कि इससे पूरी जंग जीती जा सकती है. हिज्बुल्लाह आतंकियों ने हर घर में हथियार छिपा रखे थे. इनमें हैंड ग्रैनेड्स, मोर्टार, एंटी-टैंक मिसाइल, असॉल्ट राइफल्स सबकुछ शामिल हैं.
हथियारों के अलावा कई घरों में नाजी झंडे और हिटलर की मूर्तियां भी मिली हैं. ये क्यों रखी हुई थी इसकी जानकारी अभी तक नहीं हो पाई है. इसके अलावा लोगों के घरों में एंटी-टैंक माइन और एंटी-पर्सनल क्लेमोर-स्टाइल माइन्स भी मिली हैं.