आज इजरायल के सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. लेकिन 2022 में पांचवीं बार चुनाव जीतने के बाद उन्होंने कहा था कि मैं देश की जनता को बिना किसी राजनीतिक मतभेद के आगे बढ़ाऊंगा. लिकुड पार्टी का ये लीडर 12 साल लगातार प्रधानमंत्री रहा है. (सभी फोटोः गेटी)
इनके समर्थक इन्हें किंग बीबी कहकर बुलाते हैं. इजरायल में सबसे लंबे समय तक काम करने वाला प्रधानमंत्री. नेतन्याहू बहुत कम समय के लिए विपक्ष में रहे. 73 वर्षीय नेतन्याहू का कैरियर राजनीति से नहीं शुरू हुआ. पहले वो देश की एलीट कमांडो फोर्स सेरेत मटकल की यूनिट का हिस्सा थे. जासूसी भी की है. (फोटो में दाहिने)
1949 में तेल अवीव में जन्मे बेंजामिन नेतन्याहू का परिवार 1963 में अमेरिका शिफ्ट हो गया. उनके पिता बेनजियोन एक प्रसिद्ध इतिहासकार और जियोनिस्ट एक्टिविस्ट थे. उन्हें अमेरिका में अकादमिक पद दिया गया था. 18 की उम्र में नेतन्याहू वापस इजरायल आए. इसके बाद सेना में पांच साल काम किया. अलग-अलग पद पर. (फोटो में दाहिने)
बेंजामिन नेतन्याहू उस समय की एलीट कमांडो फोर्स Sayeret Matkal के कैप्टन भी रहे. जब फिलिस्तीनी आतंकियों ने 1972 में बेल्जियन हवाई जहाज को हाईजैक किया, तब उसे छुड़ाने के मिशन में नेतन्याहू जख्मी भी हुए थे. इसके बाद नेतन्याहू ने 1973 में हुई मिडिल ईस्ट वॉर में भी भाग लिया. (फोटोः IDF Archive)
1976 में नेतन्याहू का भाई जोनाथन यूगांडा के एन्टेबे में हाईजैक हवाई जहाज से होस्टेज छुड़ाते समय मारा गया. इस मौत ने नेतन्याहू के परिवार को भारी सदमा लगा. लेकिन भाई का नाम पूरे इजरायल में हीरो की तरह लिया जाने लगा. इसके बाद अपने भाई की याद में नेतन्याहू ने एंटी-टेरेरिज्म इंस्टीट्यूट की स्थापना की.
1982 में नेतन्याहू वॉशिंगटन में इजरायल के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन बनकर गए. रातों-रात नेतन्याहू तेजी से जनता की नजरों में छाए. एक शानदार वक्ता. अंग्रेजी की शानदार नॉलेज, बोलचाल में अमेरिकी एसेंट. इस वजह से मीडिया उन्हें ही इजरायल का चेहरा समझने लगी. 1984 में नेतन्याहू को संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्य बनाया गया. (फोटोः एएफपी)
1988 में नेतन्याहू जब इजरायल वापस आए, तब उन्होंने राजनीति में रुचि ली. नेसेट संसदीय सीट से लिकुड पार्टी की तरफ से चुनाव लड़े. जीते. उन्हें सरकार में डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर बनाया गया. इसके बाद 1996 में वो लिकुड पार्टी के चेयरमैन बने. साथ ही इजरायल में पहली बार डायरेक्टली इलेक्ट किए गए प्रधानमंत्री भी बने. (अपनी बेटी नोआ के साथ)
उस समय इत्झाक राबिन प्रधानमंत्री थे. लेकिन उनकी हत्या के बाद नेतन्याहू को पीएम बना दिया गया. नेतन्याहू इजरायल के सबसे कम उम्र के पहले प्रधानमंत्री थे. 1999 में वो चुनाव हार गए. क्योंकि उन्होंने तय समय से 17 महीने पहले चुनाव कराया. नतीजा ये हुआ कि उनके पूर्व सैन्य कमांडर और लेबर लीडर इहद बराक पीएम बने.
2001 में नेतन्याहू की पार्टी के एरियल शेरोन देश के पीएम बने. नेतन्याहू पहले विदेश मंत्री बाद में वित्त मंत्री बने. 2005 में पद से इस्तीफा दे दिया. 2005 में शेरोन को स्ट्रोक आया. वो कोमा में चले गए. फिर नेतन्याहू पार्टी के नेता बन गए. मार्च 2009 में दूसरी बार प्रधानमंत्री बनाए गए. लेकिन फिलिस्तीनियों ने हमला शुरू कर दिया. (पहली पत्नी मिक के साथ और बचपन के किसी दोस्त के साथ सीढ़ियों पर बैठे हुए)
2021 में नेतन्याहू की नीतियों पर सवाल उठने लगे. 2015 में उनकी सरकार पर तब सवाल उठे थे जब अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत चल रही थी. ओबामा ने नेतन्याहू सरकार पर रिश्ता खराब करने का आरोप लगाया था. 2017 में ट्रंप के साथ नेतन्याहू की दोस्ती को लेकर अरब दुनिया में खलबली मची थी. (1973 में हुई मिडिल ईस्ट जंग की तस्वीरः AFP)