भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया से जब यह पूछा गया कि हमारी एयरपावर अभी कैसी है? करगिल युद्ध के समय राफेल फाइटर जेट होता तो स्थिति क्या होती? बालाकोट एयरस्ट्राइक और करगिल के समय में क्या अंतर आया है?
एजेंडा आजतक 2023 के दूसरे दिन के पहले सेशन 'जय हो' में आए पूर्व वायुसेनाध्य ने कहा कि करगिल के समय अगर राफेल फाइटर जेट होता तो पाकिस्तान की हालत ज्यादा पस्त होती. अगर राफेल के साथ उस समय बेयॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइलें होती, तो पाकिस्तान इतनी हिम्मत दिखा ही नहीं पाता.
आरकेएस भदौरिया ने बताया कि करगिल युद्ध के समय पाकिस्तान की लॉन्ग रेंज मिसाइलों की क्षमता हमारी मिसाइलों की तुलना में दोगुनी थी. ताकत और रेंज दोनों में वो ताकतवर थे. अगर उस समय राफेल और सुपीरियर मिसाइलें हमारे पास होतीं तो हम करगिल युद्ध में और ज्यादा ताकतवर फतह हासिल करते. वो भी जल्दी. पाकिस्तान को ज्यादा नुकसान होता. इसके बाद ही हमने अपनी डिफेंस सेक्टर को मजबूत करना शुरू किया. आज वो हमारे आगे कुछ भी नहीं.
हमारी तैयारी चीन के हिसाब से हो रही है
पूर्व वायुसेनाध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान के साथ युद्ध का अब कोई खतरा नहीं है. हमारी तैयारी चीन के हिसाब से होनी चाहिए. हो भी रही है. पाकिस्तान की हिम्मत नहीं है कि वो सीधा मिलिट्री हमला करे. लेकिन वो आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहेगा. उसकी वर्तमान हालत ऐसी नहीं है कि वो हमारे साथ जंग का ऐलान कर सके. चीन को भी हमने मुंहतोड़ जबाव दिया था. अब वो हिम्मत नहीं करेगा कि किसी तरह के उकसावे की हरकत करे.
सीमा पर खतरा तिब्बत की तरफ से ज्यादा
पूर्व थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने कहा कि भारत को उत्तरी और तिब्बत की सीमा की तरफ से ज्यादा खतरा है. हम लगातार उस सीमा पर अपनी ताकत और क्षमता को बढ़ा रहे हैं. वो भी उस तरफ के खतरे को देखते हुए. चीन की अब हिम्मत नहीं है कि वो फिर से हमारी जमीन की तरफ नजर उठाए. पिछले दो-तीन सालों में उसे हमारी सेना ने करारा जवाब दिया है.
हमने उसकी सीमा पर जो भी कदम उठाए हैं, वो वाजिब हैं. सेना की संख्या बढ़ाई है. हथियार बढ़ाए हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है. ये काम हमने और वायुसेना ने मिलकर पूरा किया है. चीन की अब हिम्मत नहीं कि वो एकदम से किसी तरह के उकसावे की हरकत करे. या हमला करे.
PAK की अंदरूनी हालत नहीं कि युद्ध करे
नरवणे ने कहा कि पाकिस्तान की अंदरूनी हालत देख कर लगता है कि वो इस स्थिति में नहीं है कि वो ऐसी कोई कार्रवाई करे. लेकिन प्रॉक्सी वॉर करता रहेगा. सस्ता और छोटा युद्ध करता रहेगा. जो वो दो-तीन दशकों से कर रहे हैं. लेकिन उसका असर हमारे ऊपर नहीं पड़ा है. उनकी हालत बहुत खराब है, उनकी जीडीपी हमारे लेवल से बहुत नीचे हैं. हमें परेशान करेंगे तो उनका भला नहीं होगा.
क्या कोई भविष्य में चुनाव लड़ेगा?
जब दोनों सेनाध्यक्षों से पूछा गया कि क्या आप भविष्य में चुनाव लड़ेंगे? तब जनरल नरवणे ने कहा कि ये सवाल सिलेबल के बाहर का है. मैं चुनाव नहीं चीनियों से लड़ता हूं. एयरचीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि मैं यूपी डिफेंस कॉरिडोर पर बहुत व्यस्त हूं. स्पेस इंडस्ट्री में व्यस्त हूं. मेरे पास इसके लिए टाइम नहीं है. मैं चीनियों से लड़ने के मामले में हमेशा जनरल नरवणे का साथ दूंगा.