scorecardresearch
 

4 वॉर जोन, सीरिया में वर्ल्ड पावर्स का टकराव, ताइवान पर चीन की टेढ़ी नजर... वर्ल्ड वॉर-3 से कितनी दूर है दुनिया?

रूस की यूक्रेन से, मिडिल ईस्ट में अलग, इजरायल की जंग अलग, चीन ताइवान पर कब्जा करने की कोशिश में है. उत्तर कोरिया रूस की मदद कर रहा है. दक्षिण कोरिया से जंग के लिए तैयारी कर रहा है. यूक्रेन, गाजा लेबनान और सीरिया भी वॉर जोन में ही हैं. तीसरे विश्व युद्ध से कितना करीब है दुनिया?

Advertisement
X
इस समय दुनिया में चार जंगें चल रही हैं. एक्सपर्ट्स को इस बात का डर है कि कहीं तीसरा विश्व युद्ध शुरू न हो जाए. (प्रतीकात्मक फोटोः पिक्साबे)
इस समय दुनिया में चार जंगें चल रही हैं. एक्सपर्ट्स को इस बात का डर है कि कहीं तीसरा विश्व युद्ध शुरू न हो जाए. (प्रतीकात्मक फोटोः पिक्साबे)

डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने दावा किया है कि मिलिड्री इंडस्ट्री चाहती है कि तीसरा विश्व युद्ध हो जाए.  इससे पहले कि मेरे पिता शांति स्थापित करने का प्रयास करें, बाइडेन सरकार रूस में मिसाइल दाग कर थर्ड वर्ल्ड वॉर (Third World War) कराना चाहती है. सीरिया में इस समय दुनिया भर की ताकतें आपस में टकरा रही हैं. रूस सीरिया की मदद कर रहा है. अमेरिका वहां विद्रोहियों के सपोर्ट में है. हथियार दे रहा है. हमला कर रहा है. ये हालात किसी भी समय बड़ी जंग में बदल सकते हैं. 

Advertisement

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी बोल चुके हैं कि अगर कोई गैर-परमाणु देश किसी न्यूक्लियर ताकत वाले देश की मदद से उनकी सरहद के अंदर हमला करेगा तो रूस न्यूक्लियर स्ट्राइक कर सकता है. मॉस्को फिर परमाणु हमला भी कर सकता है. इसे फिर रोकने का कोई रास्ता नहीं बचेगा. सुनने में ये भी आ रहा है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद अपने परिवार के साथ मॉस्को भाग गए हैं. 

यह भी पढ़ें: 4000 डिग्री की गर्मी, उल्कापिंड की टक्कर जितनी तबाही... पुतिन की नई मिसाइल की ताकत जानिए

रूस की यूक्रेन से साथ जंग चल रही. चीन लगातार ताइवान के आसपास जंगी उकसावे वाला ड्रिल कर रहा है. अमेरिका दुनियाभर में अलग-अलग जगहों पर नौसैनिक फ्लीट और मिसाइलें तैनात कर रहा है. नाटो देश रूस की सीमा के पास न्यूक्लियर हथियार तैनात कर रहे हैं. क्या ये सारे लक्षण ये बता रहे हैं कि दुनिया में बहुत जल्द तीसरा विश्व युद्ध होने वाला है. 

Advertisement

World War 3, Third World War

रूस की धमकी से एक्सपर्ट परेशान

द न्यू स्टेट्समैन अखबार ने लिखा है कि रूस की धमकी को दुनिया को सीरियसली लेना चाहिए. क्योंकि वो बेहद चिंताजनक है. डिफेंस एक्सपर्ट इस बात को मानते हैं कि रूस जब चाहे तब दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की तरफ धकेल सकता है. उसके पास जंग के लिए भयानक हथियार हैं. उसका साथ चीन और उत्तर कोरिया दे रहे हैं. 

उत्तर कोरियाई सैनिक तो कुर्स्क इलाके तक पहुंच चुके हैं. यूक्रेन के सैनिकों के साथ जंग लड़ रहे हैं. यूक्रेन के पूर्व मिलिट्री कमांडर-इन-चीफ वैलेरी जालूनी ने कहा कि साल 2024 में हम तीसरा विश्व युद्ध ही देख रहे हैं. इसकी शुरूआत हो चुकी है.  

यह भी पढ़ें: रूस ने भूमध्यसागर में किए खतरनाक परीक्षण... हाइपरसोनिक, सुपरसोनिक और क्रूज मिसाइलों की टेस्टिंग

मिडिल ईस्ट में अलग जंग चल रही

पूरे एक साल से ज्यादा हो चुके हैं. मिडिल-ईस्ट में शांति नहीं हो पा रही है. क्षेत्रीय स्तर पर जंग चल रही है. बाइडेन ने लेबनान के साथ जंग खत्म करने का ऐलान किया है. इजरायल को 60 दिन का समय है अपनी सेना हटाने के लिए. साथ ही हिज्बुल्लाह को भी अपने लड़ाकों को हटाना होगा. लेकिन ये समझौता तब हो रहा है जब इजरायल ने हिज्बुल्लाह के सारे टॉप कमांडर्स को मार दिया. 

Advertisement

World War 3, Third World War, When will world war 3 happen

हिज्बुल्लाह के समर्थक ईरान ने फ्रांस, जर्मनी और इंग्लैंड के साथ परमाणु हथियारों पर चर्चा करने की बात कही है. इसकी वजह से तनाव और बढ़ गया है. क्योंकि अमेरिका और इंग्लैंड को ये शक है कि रूस ईरान को सीक्रेट जानकारियां दे रहा है. तकनीक दे रहा है. ताकि ईरान भविष्य में न्यूक्लियर हथियार बना सके. इतना ही नहीं रूस ईरान को बैलिस्टिक मिसाइलें भी दे रहा है ताकि वह यूक्रेन पर हमला कर सके. मिडिल ईस्ट में गठबंधनों और दुश्मनी का एक मकड़जाल फैला हुआ है. 

अमेरिका की सेनाएं चारों तरफ फैली हैं

अमेरिका ने हाल ही फिलिपींस में अपनी सुपरसोनिक परमाणु मिसाइलों को तैनात किया था. इसके अलावा उसके कई कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और एंफिबियस रेडी ग्रुप्स को दुनिया के अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया है. यूएसएस थियोडोर रूसवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इस समय साउथ चाइना सी में तैनात है. 

यह भी पढ़ें: इंडियन नेवी का एक सीक्रेट टेस्ट और पड़ोसियों में खौफ... पूरा चीन-PAK इस मिसाइल की रेंज में

यूएसएस अमेरिका एंफिबियस ग्रुप जापान के सासेबो बंदरगाह पर तैनात है. यूएसएस रोनाल्ड रीगन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप फिलपीन सागर में तैनात किया गया है. यूएसएस ड्वाइट डी. आइजनहॉवर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप लाल सागर के पास तैनात है. गाजा में पायर डिटैचमेंट को तैनात किया गया है. दक्षिणी अमेरिका के पास यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात है. जबकि उसके पांच जंगी जहाजों का ग्रुप उत्तरी अमेरिका के पास तैनात है. 

Advertisement

World War 3, Third World War, When will world war 3 happen

मतलब ये है कि ईरान, उत्तर कोरिया, रूस और चीन कहीं से किसी ने भी जंग की शुरूआत की तो अमेरिका इन सबको करारा जवाब देने के लिए एकदम रेडी है. उसके सभी स्ट्राइक ग्रुप्स में परमाणु मिसाइलें तैनात हैं. फाइटर जेट्स में खतरनाक मिसाइलें और बम लगाए गए हैं. 

रूस की इंटेलिजेंस एजेंसी का दावा... 

रूस की मुख्य इंटेलिजेंस एजेंसी ने यह पुख्ता किया है कि NATO देश रूस के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं. रूसी जासूसी एजेंसी का मानना है कि इस हमले से पहले नाटो देश पहले साइबर अटैक करेंगे. उसके बाद सर्जिकल स्ट्राइक करके रूसी नेताओं को मार सकते हैं. इसके बाद पूरी तरह से रूस के खिलाफ जंग छेड़ेंगे. रूस का दावा है कि नाटो इसके लिए सालों से तैयारी कर रहा है. 

यह भी पढ़ें: भारत ने समंदर से दागी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल... जानिए क्यों किया गया सीक्रेट परीक्षण?

चीन कभी भी कर सकता है ताइवान पर हमला

दुनियाभर के रक्षा एक्सपर्ट्स ये मानते हैं कि चीन बड़े पैमाने पर मिलिट्री को तैयार करके ताइवान पर हमला करेगा. उसपर कब्जा करने का जल्द से जल्द प्रयास करेगा. इसमें भारी मात्रा में सैनिकों को ले जाने वाले जंगी जहाज और अन्य अटैक वॉरशिप्स होंगे. 

Advertisement

चीन के साथ समस्या ये है कि उनके पास पर्याप्त जंगी जहाज नहीं हैं. यानी एंफिबियस लैंडिंग क्राफ्ट. इसलिए वह अपने सैनिकों को ताइवान तक पहुंचाने के लिए सिवलियन बोट्स और फेरी का इस्तेमाल करेगा. ये काम उसने शुरू कर दिया है. चीन सिविलियन नावों के जरिए एंफिबियस लैंडिंग क्राफ्ट्स की कमी को पूरा नहीं कर सकता. 

World War 3, Third World War, When will world war 3 happen

ऐसे मिशन के लिए सिविलयन नावों का इस्तेमाल एक गलत निर्णय है. इससे चीन के सैनिकों को खतरा होगा. क्योंकि ये बोट्स जंग के हिसाब से नहीं बनाई जाती. लेकिन चीन ताइवान पर हमला करने के लिए कम से कम 10 से 15 हजार बोट्स, जहाज, क्राफ्ट्स का इस्तेमाल कर सकता है. उसके पास जितने भी नाव होंगे, चाहे वो सिविलियन हो, सेना के हों या फिर व्यावसायिक हो... उन सबका इस्तेमाल करेगा. 

उत्तर कोरिया की धमकी और इजरायल-हमास की जंग

उत्तर कोरिया ने भी धमकी दी है कि वह अमेरिका और दक्षिण कोरिया को खत्म कर देगा. इसके लिए वह अपनी मिसाइलों का जखीरा बढ़ा रहा है. जबकि दूसरी तरफ इजरायल-हमास-हिजबुल्लाह की लड़ाई चल रही है. इस जंग को लेकर भी दुनिया दो फाड़ हुई पड़ी है. ये भी विश्व युद्ध की एक प्रमुख वजह बन सकती है. 

Live TV

Advertisement
Advertisement