रूस-यूक्रेन... इजरायल-गाजा-लेबनान के बीच जंग चल रही है. दो देश और हैं, जो अक्सर युद्ध कर लेते हैं. ये हैं- आर्मेनिया और अजरबैजान. दोनों की सेनाओं के बीच अक्सर संघर्ष होता रहता है. इस बीच खबर आई कि अजरबैजान ने आर्मेनिया का खिलाफ LORA मिसाइल तैनात की है. इस बात से आर्मेनिया परेशान है.
अब आर्मेनिया की नजर भारत की सतह से सतह पर मार करने वाली प्रलय मिसाइल (Pralay Missile) पर है. प्रलय मिसाइल की बात करेंगे लेकिन उससे पहले जानते हैं अजरबैजान की LORA मिसाइल के बारे में...
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लंबी दूरी और खतरनाक स्पीड के लिए फेमस है लोरा मिसाइल
LORA का पूरा नाम है लॉन्ग रेंज आर्टिलरी (Long Range Artillery). यह असल में एक थियेटर क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल है. इस मिसाइल की रेंज 90 से 430 किलोमीटर है. 1600 किलोग्राम वजनी मिसाइल की लंबाई 5.2 मीटर है. इसमें 570 किलोग्राम वजन का वॉरहेड लगाया जाता है. इस मिसाइल को इजरायल ने बनाया है. LORA मिसाइल को भारत में भी बनाने की बातचीत पिछले साल हुई थी.
इसकी स्पीड का खुलासा नहीं किया गया है. इसमें हाई एक्सप्लोसिव, बॉम्बलेट्स या हाई स्पीड पेनेट्रेटर वॉरहेड लगाया जाता है. 2020 में Nagorno-Karabakh युद्ध के दौरान इस मिसाइल का इस्तेमाल अजरबैजान ने किया था. तब उसने इस मिसाइल से बेहद जरूरी ब्रिज को उड़ाया था.
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अब जानते हैं भारत की प्रलय मिसाइल की ताकत के बारे में...
प्रलय मिसाइल कम दूरी की सतह से हवा और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है. इसकी रेंज 150 से 500 km है. इसकी स्पीड 2000 km/hr है. लेकिन हवा से टारगेट की तरफ गिरते समय इसकी गति बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. कम रेंज का फायदा ये है कि यह सीमा के पास मौजूद दुश्मन के अड्डों को चुटकियों में खत्म कर देगी.
प्रलय मिसाइल की एक्यूरेसी और गति ही इसे सबसे ज्यादा घातक बनाती है. 5 टन वजनी यह मिसाइल अपनी नाक पर 500 से 1000 किलो वजन का पारंपरिक हथियार ले जा सकती है. इस मिसाइल को बनाने में तीन मिसाइलों की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. ये मिसाइलें हैं- प्रहार, पृथ्वी-2 और पृथ्वी-3.
प्रलय मिसाइल रात में भी हमला करने की क्षमता रखती है. इस मिसाइल के वॉरहेड में हाई एक्सप्लोसिव, पेनेट्रेशन, क्लस्टर म्यूनिशन, फ्रैगमेंटेशन, थर्मोबेरिक और केमिकल वेपन लगा सकते हैं. लॉन्चिंग के लिए 8X8 टाटा ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर इस्तेमाल होता है.
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प्रलय की टारगेट ध्वस्त करने की सटीकता 10 मीटर यानी 33 फीट है. यानी टारगेट से 33 फीट के दायरे में यह मिसाइल गिरती है, तो भी उतना ही नुकसान करेगी, जितना सटीक निशाने पर गिरती तो करती. यानी जितना इलाका नष्ट करना है, उतना ही बर्बाद होगा.