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Indian Navy: हिंद महासागर में चीन की चुनौती और अरब सागर में हूती... समंदर में संग्राम के लिए तैयार भारतीय नौसेना

भारतीय नौसेना न विद्रोहियों को बर्दाश्त करेगी. न ही चीन की हरकतों को. भारतीय नौसेना अदन की खाड़ी से लेकर हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) हर तरफ मौजूद है. समंदर में किसी भी तरह के संग्राम में पूरी ताकत और मजबूती से भारतीय नौसेना अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी. PAK को पस्त करेगी. चीन को दूर रखेगी.

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Indian Navy
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भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने MV Chem Pluto पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद अरब सागर में तीन जंगी जहाज तैनात कर दिए हैं. ये जहाज हैं INS Mormugao, INS Kochi और INS Kolkata. तीनों गाइडेड मिसाइल विध्वंसक हैं. इसके अलावा PI-8 विमान भी भेजा गया है. ताकि समंदर पर आसमान से निगरानी रखी जा सके. 

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बात सिर्फ अरब सागर, लाल सागर या अदन की खाड़ी की नहीं है. भारतीय नौसेना को 7516 किलोमीटर से ज्यादा के समुद्री तटीय इलाकों की निगरानी करनी होती है. अपनी तरफ आ रहे. अपने लिए आ रहे हैं. या अपनी तरफ से जा रहे कॉमर्शियल जहाजों को विद्रोहियों और दुश्मन देशों के हमले से बचाना होता है. या अपनी मजबूत मौजूदगी दिखा कर हमला रोकना होता है. जैसा अभी अरब सागर में किया जा रहा है. 

INS Kulish Indian Navy

दूसरी तरफ हिंद महासागर के पूर्वी हिस्से में भारतीय नौसेना के मिसाइल कॉर्वेट INS Kulish और एंफिबियस जंगी जहाज LCU 56 थाईलैंड की नौसेना के साथ युद्धाभ्यास के लिए पहुंच गई है. इसके अलावा बैंकॉक में हुए IONS यानी इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम के दौरान INS Kadmatt में नौसेना प्रमुख आर. हरि कुमार ने यात्रा की. यानी हिंद महासागर में चीन की तरफ से किसी तरह की हरकत न हो इसलिए भारत ने अपनी ताकतवर मौजूदगी जताई है. 

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अरब सागर में हउती विद्रोहियों को करारा जवाब देने पहले तो आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता को अदन की खाड़ी में तैनात किया गया था. लेकिन बाद में विशाखापट्टनम क्लास स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर आईएनएस मोरमुगाओ को भी वहां भेज दिया गया है. 

जहाज पर हमला छोटे ड्रोन जैसा नहीं! 

MV Chem Pluto 25 दिसंबर को मुंबई पहुंच गया है. वह समंदर में एंकर डाल कर खड़ा है. जिसमें 21 भारतीय और एक वियतनामी क्रू है. पहले बताया गया कि इस पर किसी छोटे ड्रोन से हमला किया गया था. लेकिन भारतीय नौसेना के ऑर्डिनेंस डिस्पोजल टीम ने शुरूआती जांच करके बताया कि यह किसी छोटे ड्रोन से किया गया हमला नहीं है. यह किसी बड़े ड्रोन या मिसाइल के हमले जैसा लगता है. या किसी रॉकेट से हमला किया गया है. 

MV Chem Pluto

अभी और जांच की जरूरत है. इसमें विस्फोटक का प्रकार, ड्रोन के टुकड़े और जहाज के टुकड़ों की जांच की जा रही है. इस जहाज पर हुए हमले की जांच के लिए कई एजेंसियां काम कर रही हैं. इसमें नौसेना की एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस टीम भी शामिल हैं. अभी इस जहाज को कई तरह की एजेंसियां जांच करेंगी. इसके बाद इसका सामान दूसरे जहाज में शिफ्ट किया जाएगा. 

भारत की पूरी सीमा और महासागरों की सुरक्षा के लिए प्रमुख बेस 

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भारतीय नौसेना के प्रमुख नौसैनिक बेस हैं- मुबंई, गोवा, करवर, कोच्चि, चेन्नई, विशाखापट्टनम, कोलकाता और पोर्ट ब्लेयर. पश्चिमी कमान का मुख्यालय मुबंई, पूर्वी का विशाखापट्टनम और दक्षिणी कमान का मुख्यालय कोच्चि में है. भारतीय नौसेना के पास फिलहाल 132 युद्धपोत हैं. इसके अलावा 143 एयरक्राफ्ट और 130 हेलिकॉप्टर्स हैं. 

भारतीय नौसेना 2030 तक अपने जंगी जहाजों के बेड़े को बढ़ाकर 155 से 160 कर लेगी. 2035 तक इसे बढ़ाकर 175 युद्धपोतों में बदलना है. इतने जहाजों का मकसद है कि इंडियन ओशन रीजन में भारत की मजबूत मौजूदगी. इसके अलावा चीन की योजनाओं को रोकना. साथ ही जिबौती, हॉर्न ऑफ अफ्रीका, कराची और ग्वादर और कंबोडिया में बढ़ रहे चीन की नौसेना के वर्चस्व को रोकना. 

Indian Navy

ये बात तय है कि चीन भी अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ा रहा है. वह 555 युद्धपोतों तक पहुंच जाएगा. लेकिन हमारी सेना उसे तगड़ा टक्कर दे सकती है. चीन ने अपने विमानवाहक युद्धपोतों को इंडियन ओशन रीजन में भेजना शुरू कर दिया है. भारतीय नौसेना को भी तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर को बनाने की अनुमति मिल चुकी है. यह INS Vikrant का रिपीट ऑर्डर होगा. 

INS Mormugao की ताकत

मोरमुगाओ स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर 7400 टन का जंगी जहाज है. 535 फीट लंबे इस युद्धपोत की अधिकतम गति 56 KM प्रतिघंटा है. अगर यह 26 KM प्रतिघंटा की स्पीड से चलता है तो इसकी रेंज 7400 KM है. इस पर 300 नौसैनिक रह सकते हैं. इसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर शक्ति ईडब्ल्यू सुइट और कवच चैफ सिस्टम लगा है. 

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एक 76 मिलीमीटर की OTO मेराला तोप, 4 AK-603 CIWS गन लगी है. जो दुश्मन के जहाज, मिसाइल या विमान को छलनी कर सकती हैं. इसमें 533 मिलिमीटर की 4 टॉरपीडो ट्यूब्स हैं, इसके अलावा 2 RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर लगे हैं. इसमें 32 बराक-8 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात हैं. इसके अलावा 16 एंटी-शिप ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात हैं. 

Indian Navy

मोरमुगाओ पर दो वेस्टलैंड सी किंग या HAL ध्रुव हेलिकॉप्टर ले जाए जा सकते हैं. इस युद्धपोत में स्टेट ऑफ द आर्ट सेंसर लगे हैं, जो दुश्मन के हथियारों का आसानी से पता कर सकते हैं. ये सेंसर्स ऐसे डेक में लगाए गए हैं, जिन्हें दुश्मन देख नहीं सकता. इसमें बैटल डैमेज कंट्रोल सिस्टम्स लगाए गए हैं.  

INS Kochi/Kolkata की खासियत

कोच्चि असल में कोलकाता क्लास की स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर है. 2015 से नौसेना में तैनात. 7500 टन डिस्प्लेसमेंट वाले इस जंगी जहाज की लंबाई 535 फीट है. यह अधिकतम 56 km/hr की गति से चल सकता है. इसमें भी बराक-8 और ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात हैं. इसके अलावा 1 ओटो मेलारा नेवल गन, 4 एके-630 सीआईडब्ल्यूएस, 4 टॉरपीडो ट्यूब्स के अलावा 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स तैनात है. 

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