एनाकोंडा धीरे-धीरे अपने शिकार के चारों तरफ घेरा बनाता है. यहीं रणनीति चीन इस समय ताइवान के खिलाफ अपना रहा है. यह बात ताइवान के नौसैनिक कमांडर तांग हुआ ने भी कही. उन्होंने कहा कि यह एनाकोंडा स्ट्रैटेजी है. चीन हमें धीरे-धीरे डरा रहा है. अपनी सिक्योरिटी बढ़ा रहा है. मिलिट्री एक्सरसाइज कर रहा है.
हुआ ने कहा कि हमारे सैनिकों और जहाजों को रोका जा रहा है. नौसैनिक ब्लॉकेड बनाए जा रहे हैं. समंदर में बाधाएं पैदा की जा रही हैं. चीन चाहता है कि हम कोई गलती करें ताकि वह हम पर उस गलती के नाम पर हमला कर सके. चीन धीमे-धीमे यह काम कर रहा है, लेकिन यह बात तो तय है कि वह मौका देखकर ताइवान पर हमला करेगा.
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ताइवान के राष्ट्रपित लाई चिंग-ते, चीन से बेपनाह नफरत करते हैं. यह बात किसी से छिपी नहीं है. चीन की सरकार चिंग-ते को जिद्दी, झगड़ा करने वाला अलगाववादी नेता बताता है. चीन कहता है कि ताइवान की खाड़ी में चिंग-ते किसी भी समय जंग की शुरूआत कर सकता है. लेकिन इसका उलटा काम चीन की मिलिट्री कर रही है.
चीन की सेनाएं चारों तरफ से घेर रही हैं ताइवान को
मई 2024 में चिंग-ते के जीतने के बाद से लगातार चीन की सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीनों विंग ताइवान की खाड़ी में ज्यादा जंगी जहाज तैनात कर रहे हैं. वायुसैनिक अभ्यास कर रहे हैं. लगातार सेना बढ़ाई जा रही है. इसी को धीरे-धीरे दबाना और प्रेशर बनाना कहते हैं, जिसे एनाकोंडा स्ट्रैटेजी में इस्तेमाल किया जाता है.
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हवाई घुसपैठ की लगातार तैयारी कर रहा है चीन
तांग हुआ ने एक इंटरव्यू में कहा कि चीन बहुत धीरे-धीरे ताइवान के चारों तरफ अपनी सेना बढ़ा रहा है. गतिविधियां बढ़ा रहा है. ताकि किसी भी समय वह ताइवान की खाड़ी को ब्लॉक करके हम पर हमला कर सके. हुआ ने बताया कि इस साल जनवरी में चीन ने 36 बार आसमानी सीमा का उल्लंघन किया था. लेकिन अगस्त तक यह पांच गुना बढ़ गया. अगस्त में चीन की वायुसेना ने 193 बार ताइवानी सीमा को पार किया. या पास आए.
जंगी जहाजों की संख्या दोगुनी, सीमा के नजदीक पहुंचे
इतना ही नहीं, चीन की नौसेना के जंगी जहाज जनवरी में 142 थे. जो अगस्त तक बढ़कर 282 हो चुके हैं. यानी दोगुने. ये जहाज लगातार ताइवान के नजदीक आ रहे हैं. वह भी उस जोन में जो सीमा के नजदीक है. सीमा से मात्र 24 नॉटिकल मील यानी 44.44 km दूर. चीन की सेना की पेट्रोलिंग भी घंटों से बढ़कर दिनों में हो गई है. तांग हुआ ने बताया कि साल 2022 तक ऐसा नहीं था. अगस्त 2022 के बाद से चीन की सेनाएं ताइवान के दक्षिण और पश्चिम में खासतौर से बाशी चैनल में हरकतें बढ़ा दी हैं. बाशी चैनल फिलिपींस और ताइवान के बीच है.
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मिलिट्री अभ्यास के नाम पर हवाई घुसपैठ की प्रैक्टिस
चीन के लिए मुसीबत है ताइवान की पूर्वी सीमा. जहां पर पहाड़ों के अंदर बंकरों में ताइवानी वायुसेना के फाइटर जेट्स रखे हैं. वहां चीन को मुसीबत का सामना करना पड़ेगा. वो इलाका सुरक्षित भी नहीं है. लेकिन इसके बाद चीन ने दक्षिणी और पश्चिम की तरफ रुख किया. अपनी सेनाओं की संख्या बढ़ाई. मिलिट्री अभ्यास के नाम पर हवाई घुसपैठ की लगातार कोशिश की. जंगी जहाजों और सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई है.
जंग हुई तो ताइवान की आधी सेना लगानी पड़ेगी
ताइवान के डिफेंस रिसर्चर चेंग-कुन मा और त्रिस्तन तान ने कहा कि अगर चीन से जंग होती है, तो ताइवानी नौसेना को अपने 25 से 50 फीसदी युद्धपोत उतारने पड़ेंगे. क्योंकि चीन के पास दोगुने फ्रिगेट्स और 10 गुना ज्यादा डेस्ट्रॉयर्स हैं. चीन लगातार ताइवान पर भारी दबाव बना रहा है. सिर्फ दबाव और दबाव.