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फिलिपींस, अर्जेंटीना, नाइजीरिया और मिस्र खरीदना चाहते हैं तेजस फाइटर जेट, जानिए क्यों?

Tejas Fighter Jet की डिमांड बढ़ रही है. मिस्र, नाइजीरिया, फिलिपींस और अर्जेंटीना भारत में विकसित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस (LCA Tejas) को खरीदना चाहते हैं. यह खुलासा किया है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चेयरमैन सीबी अनंतकृष्णन ने. आइए जानते हैं कि इतनी डिमांड क्यों है इस फाइटर जेट की...

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तेजस फाइटर जेट को पकड़ना आसान नहीं है, इसलिए कई देश इसकी मांग कर रहे हैं. (फोटोः राना/gov.in)
तेजस फाइटर जेट को पकड़ना आसान नहीं है, इसलिए कई देश इसकी मांग कर रहे हैं. (फोटोः राना/gov.in)

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के प्रमुख सीबी अनंतकृष्णन ने कहा कि नाइजीरिया, फिलिपींस, मिस्र और अर्जेंटीना तेजस फाइटर जेट्स को खरीदना चाहते हैं. 1982 के फाल्कलैंड युद्ध के बाद इंग्लैंड ने अर्जेंटीना पर प्रतिबंध लगाया था कि दुनिया का कोई भी देश किसी भी तरह के मिलिट्री हार्डवेयर नहीं देगा. अब इस वजह से भारत को थोड़ी दिक्कत हो सकती है, क्योंकि तेजस में कुछ उपकरण ब्रिटिश है. लेकिन इसका हल निकाल लिया जाएगा. 

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जुलाई में अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री भारत दौरे पर आए थे. उस दौरान HAL ने अर्जेंटीना के एयरफोर्स में समझौता हुआ था कि भारत उसे दो टन क्लास के हेलिकॉप्टर बनाकर दे. साथ ही स्पेयर और सर्विसेस भी प्रोवाइड करे. फिलिपींस के साथ भी भारत के रक्षा संबंध बेहतर चल रहे हैं. फिलिपींस ने भारत के साथ ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की तीन बैटरी के लिए समझौता किया है. लेकिन तेजस की मांग क्यों हो रही है. क्या खास है तेजस फाइटर जेट में? 

Tejas Fighter Jet

तेजस फाइटर जेट में इतना खास क्या? 

- आकार में छोटा होने की वजह से दुनिया का कोई भी रडार सिस्टम इसे फाइटर जेट की श्रेणी में रखता ही नहीं. इसलिए यह पकड़ में नहीं आता. 
- कुल रेंज 1850 KM है. 
- तेजस में 2458 KG फ्यूल आता है. 
- अधिकतम स्पीड 1980 KM प्रतिघंटा है. 
- अधिकतम 53 हजार KM की ऊंचाई तक जा सकता है. 
- छोटा और मल्टी-रोल सुपरसोनिक फाइटर एयरक्राफ्ट है.
- लंबाई 43.4 फीट, ऊंचाई 14.5 फीट और विंगस्पैन 26.11 फीट. 
- कांच का कॉकपिट - जिससे पायलट को चारों तरफ देखने में आसानी होती है. 
 
हथियारों का पूरा जखीरा लगा सकते हैं 

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इसमें आठ हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी आठ अलग-अलग तरह के हथियार लगा सकते हैं. इसमें S-8 रॉकेट्स के पॉड्स लगा सकते हैं. हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें R-73, I-Derby, Python-5 लगे हैं. भविष्य में ASRAAM,  Astra Mark 1 और  R-77 की प्लानिंग भी है. 

Tejas Fighter Jet

हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें Kh-59ME, Kh-59L, Kh-59T, AASM-Hammer लगी हैं. BrahMos-NG ALCM को लगाने की योजना है. इसमें ऐसे-ऐसे हथियार हैं कि तेजस हमला करे तो दुश्मन की हालत पस्त होनी तय है.

खतरनाक मिसाइलें और बमों की भरमार

एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम को लगाया जाएगा. फिलहाल इसमें एंटी-शिप मिसाइल Kh-35 और Kh-59MK लगे हैं. अगर बम की बात करें तो इसमें चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन जैसे- स्पाइस, JDAM, HSLD, DRDO Glide Bombs और DRDO SAAW. 

लेजर गाइडेड बम जैसे KAB-1500L, GBU-16 Paveway II, सुदर्शन और Griffin LGB. क्लस्टर म्यूनिशन जैसे RBK-500. अनगाइडेड बम जैसे  ODAB-500PM, ZAB-250/350, BetAB-500Shp, FAB-500T, FAB-250, OFAB-250-270, OFAB-100-120 लगा सकते हैं.  

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