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यूक्रेन ने कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट पर किया हमला तो नुकसान चेर्नोबिल से ज्यादा होगा... एक्सपर्ट्स की चेतावनी

अगर यूक्रेन ने कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला किया तो तबाही चेर्नोबिल जैसी होगी. यहां भयानक एटॉमिक हादसा होगा. ये चेतावनी दी है कि इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी यानी IAEA के चीफ राफेल ग्रॉसी ने. यही डर यूरोपियन कमेटी ऑन रेडिएशन रिस्क के साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ. क्रिस बस्बी ने भी जताया है.

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बाएं से... मिसाइल हमले की प्रतीकात्मक फोटो. दाहिने कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट, जिसमें रिएक्टर के चारों तरफ सुरक्षा दीवार नहीं है.
बाएं से... मिसाइल हमले की प्रतीकात्मक फोटो. दाहिने कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट, जिसमें रिएक्टर के चारों तरफ सुरक्षा दीवार नहीं है.

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी यानी IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने कहा कि कोई भी न्यूक्लियर पावर प्लांट किसी भी मिलिट्री ऑपरेशन का टारगेट नहीं होना चाहिए. अगर यूक्रेन ने कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला किया तो तबाही बहुत ज्यादा होगी. यह एक एटॉमिक हादसा होगा. 

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उधर, यूरोपियन कमेटी ऑन रेडिएशन रिस्क के साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ. क्रिस बस्बी ने कहा कि अगर यूक्रेनी सेना ने कुर्स्क न्यूक्लियर प्लांट पर हमला किया तो यहां हादसा चेर्नोबिल से कम नहीं होगा. ज्यादा हो सकता है. ग्रॉसी ने कहा कि प्लांट बेहद कमजोर है. इसमें सुरक्षात्मक गुंबद यानी कॉन्क्रीट की वैसी दीवार नहीं है, जो इसे मिसाइल या ड्रोन हमले से बचा सके. 

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ऊपर कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट और नीचे जेपोरोझी न्यूक्लियर पावर प्लांट. 

आइए जानते हैं कि खतरा क्या है और क्यों है? 

डॉ. बस्बी ने कहा कि असल में जेपोरोझी न्यूक्लियर पावर प्लांट में प्रेशराइज्ड वाटर रिएक्टर है. साथ ही मोटी कॉन्क्रीट की दीवार का सुरक्षा घेरा है. जिसे छेदना आसान नहीं होगा. लेकिन उसके स्पेंट फ्यूल पूल्स यानी वो जगह जहां पर इस्तेमाल किया हुआ ईंधन रखा जाता है, वहां पर हमला किया जा सकता है. वो भी खतरनाक स्पॉट है रेडिएशन फैलाने के लिए. 

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अगर बात करे तो कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट की तो यहां पर RBMK रिएक्टर हैं, जैसे चेर्नोबिल (Chernobyl Nuclear Power Plant) में थे. इनके चारों तरफ कॉन्क्रीट की मोटी दीवार या सुरक्षा कवच नहीं है. इसलिए इन पर मिसाइल या ड्रोन हमला खतरनाक हो सकता है. ये रिएक्टर को तबाह कर देंगे. 

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कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट का मुआयना करते IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी. (फोटोः रॉयटर्स)

कुर्स्क पर मिसाइल गिरी यानी बड़े रेडिएशन का खतरा

बस्बी ने कहा कि जेपोरोझी में तो रिएक्टर्स बंद हैं लेकिन कुर्स्क में एक प्लांट अब भी काम कर रहा है. इस बात की जानकारी लगातार मिल रही है कि यूक्रेन मिसाइलों और ड्रोन्स से प्लांट के आसपास हमला कर रहा है. प्लांट को भी टारगेट बना रहा है. अगर प्लांट को नुकसान पहुंचा तो कई यूरोपीय देशों को रेडिएशन का सामना करना पड़ा सकता है. क्योंकि क्रूज मिसाइल न्यूक्लियर रिएक्टर को बर्बाद कर देगी. 

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इसके बाद NATO यूरोप को बचा नहीं पाएगा. क्योंकि मिसाइल गिरते ही न्यूक्लियर धमाका होगा. उधर ग्रॉसी ने इस बात की पुष्टि की है कि कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट में तीन नंबर का रिएक्टर काम कर रहा है. चौथे का मेंटेनेंस चल रहा है. एक नए रिएक्टर ब्लॉक का निर्माण भी किया जा रहा है. 

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