scorecardresearch
 

Igla-S: रूस की डील से भारत को फायदा... दुश्मन के हवाई हमले होंगे बेकार

भारतीय सेना को अडानी डिफेंस द्वारा असेंबल किए गए इग्ला-एस सिस्टम प्राप्त होंगे, जो रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ एक डील का हिस्सा हैं. अनुबंध में 48 लॉन्चर, 100 मिसाइलें, नाइट-विजन डिवाइस और एक परीक्षण स्टेशन शामिल हैं, जिसकी कीमत ₹260 करोड़ है.

Advertisement
X
ये है इग्ला-एस एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम.
ये है इग्ला-एस एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम.

भारतीय सेना को एडानी डिफेंस द्वारा स्थानीय रूप से असेंबल किए गए इग्ला-एस सिस्टम प्राप्त होंगे, जो रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ एक टेक्नोलॉजी ट्रांसफर समझौते का हिस्सा हैं. डील में 48 लॉन्चर, 100 मिसाइलें, नाइट-विजन डिवाइस और एक परीक्षण स्टेशन शामिल हैं, जिसकी कीमत ₹260 करोड़ है. इस पहल का उद्देश्य भारत की छोटी दूरी की वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है.

Advertisement

इनका नाम है Igla-S Manpads. यह खास तरह के एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम हैं, जो किसी भी तरह के हवाई खतरे को नष्ट कर सकते हैं. भारतीय सेनाओं के पास इसके पुराने वर्जन मौजूद हैं. इसकी मदद से दुश्मन के इग्ला-एस एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल का वजन 10.8 kg है. 

यह भी पढ़ें: 2000 पाउंड वाले बम का ट्रंप ने फिर खोल दिया रास्ता, क्या हमास पर इजरायली ऑपरेशन दोबारा शुरू होगा?

पूरे सिस्टम का वजन 18 kg. सिस्टम की लंबाई 5.16 फीट होती है. व्यास 72 mm. इस मिसाइल की नोक पर 1.17 kg का विस्फोटक लगाते हैं. इसकी रेंज 5 से 6 km है. यह मिसाइल 2266 km/hr की स्पीड से अधिकतम 11 हजार फीट तक जा सकती है. 

नई इग्ला-एस हैंड-हेल्ड एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल भारतीय सेना में शामिल पुरानी इग्ला मिसाइल को बदलेगी. पुरानी इग्ला मिसाइल 1990 के दशक में सेना में शामिल की गई थी.  

Advertisement

रूस के साथ पुराने संबंधों का फायदा 

भारत इन मिसाइलों को मेक-इन-इंडिया मिशन के तहत देश में बनाना चाहता है. रूस कई सालों से भारत को हथियार देता आ रहा है. दोनों देशों के बीच सैन्य हथियारों को लेकर कई समझौते हुए हैं.  

यह भी पढ़ें: Aero India 2025 में रूसी Su-57 और अमेरिकी F-35... कौन सा स्टेल्थ फाइटर जेट भारत के लिए बेहतर?

Igla-S Anti-Aircraft Missiles

पाकिस्तान और चीन की सीमा पर तैनाती

भारत ने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर लगाया है. यह रूस का सबसे अत्याधुनिक हवाई सुरक्षा सिस्टम है. यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है. यूक्रेन के साथ युद्ध के चलते भारत ने कभी भी रूस की सीधे तौर पर आलोचना नहीं की. 

Live TV

Advertisement
Advertisement