भारतीय नौसेना (Indian Navy) इस साल के अंत तक तीन पनडुब्बियों, राफेल-मरीन फाइटर जेट और एमक्यू-9बी ड्रोन की डील फाइनल करने की तैयारी में है. मझगांव डॉकयार्ड में बनाई जा रही तीन स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों से नौसेना की ताकत में कई गुना बढ़ोतरी होगी. क्योंकि चीन समंदर में अपनी ताकत काफी तेजी से बढ़ा रहा है. इस डील की लागत करीब 40 हजार करोड़ रुपए हैं.
यह भी पढ़ें: समंदर के ऊपर जंग में बेमिसाल है Rafale-M... चीन-PAK के इन तीन फाइटर जेट्स पर पड़ेगा भारी
इस डील में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इस वित्तीय वर्ष के खत्म होने से पहले दूसरा बड़ा सौदा INS Vikrant एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए 26 राफेल-M लड़ाकू जेट की खरीद का है. नौसेना ने परियोजना को जल्दी से समाप्त करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं. इस डील को भी जल्द पूरा करने की तैयारी है.
यह भी पढ़ें: DRDO बना रहा मिसाइलों का बाप... सबमरीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल K-5, जानिए ताकत
भारतीय नौसेना चाहती है कि एयरक्राफ्ट कैरियर पर ये विमान तैनात हों, जिससे समुद्री मोर्चे अपनी ताकत और बढ़ाई जा सके. फ्रांस की डैसो कंपनी और भारतीय नौसेना ने इस मामले पर दो दौर की वार्ता की है. जल्द ही इस मामले पर बातचीत फिर से शुरू की जाएगी.
तीसरा सौदा है अमेरिका से 31 एमक्यू-9 ड्रोन खरीदने का. ये लागत 32,000 करोड़ रुपये की डील होगी. इस डील को अक्टूबर के अंत तक पूरा करने की तैयारी है.