अरब सागर में ड्रोन हमलों के बीच भारतीय नौसेना के बेड़े में निगरानी के लिए एक घातक स्वदेशी ड्रोन शामिल हो रहा है. हाल में अरब सागर में जिस तरह से कई मालवाहक जहाज़ों को ड्रोन से निशाना बनाया गया. ऐसे में भारतीय नौसेना के बेड़े में निगरानी के लिए एक घातक ड्रोन शामिल होने वाला है. दृष्टि-10 नाम के इस MALE ड्रोन को देश में ही बनाया गया है. नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने पहली बार इस ड्रोन को देश के सामने पेश किया.
दृष्टि 10 'स्टारलाइनर' ड्रोन एक स्वदेशी अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) है. इसे अडाणी डिफेंस और एयरोस्पेस कंपनी द्वारा हैदराबाद के एयरोस्पेस पार्क में बनाया गया है. ये ड्रोन हैदराबाद से गुजरात के पोरबंदर के लिए उड़ान भरने वाला है. जहां नौसेना में इसे शामिल किया जाएगा. इसकी तैनाती भी वहीं होगी.
एडमिरल आर. हरि कुमार ने बताया कि दृष्टि 10 को इसकी एडवांस इंटेलिजेंस और सर्विलांस के लिए जाना जाता है. 36 घंटे की चार्जिंग पॉवर, 450 kg पेलोड क्षमता के साथ ये अपने आप में एक बेहतरीन ड्रोन है. इसके साथ ही इसे STANAG 4671 सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है. एकमात्र ऐसा ड्रोन है जो किसी भी तरह के मौसम में ऑपरेट कर सकता है. ये ड्रोन सेग्रीगेटेड और अनसेग्रीगेटेड दोनों तरह एयरस्पेस में उड़ान भर सकता है.
#WATCH | Indian Navy chief Admiral R Hari Kumar unveils the Drishti 10 Starliner drones manufactured by Adani Defence in Hyderabad.
— ANI (@ANI) January 10, 2024
The firm said the drone is an advanced Intelligence, Surveillance and Reconnaissance (ISR) platform with 36 hours of endurance, 450 kgs payload… pic.twitter.com/tfdSYImRuX
अडाणी डिफेंस के अध्यक्ष आशीष राजवंशी ने बताया कि दृष्टि 10 'स्टारलाइनर' भारत का पहला ऐसा मानव रहित ड्रोन है जिसे देश में ही बनाया गया है. ये जो एल्बिट्स हर्मीस 900 मेल (Medium Altitude Long Range Drone - MALE Drone) है. यह कई हार्ड पॉइंट और 250 kg मॉड्यूलर इंटरनल इंस्टॉलेशन बे के साथ आता है.
इसकी मदद से डिफेन्स के क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा. ऐसे दो ड्रोन भारतीय सेना (Indian Army) भी ले रही है. आर्मी एविएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अजय सूरी ने कहा कि भारतीय नौसेना और भारतीय सेना ने उपग्रह संचार-सक्षम ड्रोन की आकस्मिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए दो ड्रोन का ऑर्डर दिया है.