इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने पिछले एक साल में अपने हमलों के कई वीडियो जारी किए हैं. जमीनी और हवाई, दोनों तरह के हमले. खासतौर से एयरस्ट्राइक. जिसमें विमान, जेट, हेलिकॉप्टर या ड्रोन से बम और मिसाइलें गिराई जा रही हैं. ये हथियार गिरते हैं, तेज धमाका होता है. इमारत के चारों तरफ धुआं ही धुआं.
यहां नीचे देखिए Video
इन वीडियो से ही पता लगता है कि हर हमला सटीक नहीं है. उससे सिर्फ हमास और हिज्बुल्लाह के लड़ाके या आतंकी ही नहीं मारे जा रहे बल्कि आम इंसान ज्यादा नुकसान झेल रहे हैं.
सबूत बताते हैं कि आम नागरिकों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. ब्रिटिश वॉर मॉनिटर एयरवार्स ने बताया कि पिछले साल जंग के पहले महीने में जितने इजरायली हमले के वीडियो जारी हुए. उससे उनकी सटीकता पर कन्फ्यूजन होता है.
एयरवार्स ने 17 घटनाओं के वीडियो देखे. जो कि इजरायली हमले के वीडियो का मात्र एक फीसदी हिस्सा है. इन सभी वीडियो में हमले की सटीकता गड़बड़ है.
इन्हीं 17 वीडियो में इजरायल ने जिन हमलों का दावा किया है उसमें 400 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए. इसमें 200 बच्चे भी शामिल हैं.
IDF ऐसी घटनाओं का ब्लैक एंड वाइट वीडियो रिलीज करता है. वह भी ग्रेनी यानी धुंधला. ताकि पता ही न चले कि हमला सटीक हुआ है या नहीं. इन वीडियो में हमास को टारगेट किया गया था.
एक उदाहरण है Al-Taj Tower पर 25 अक्तूबर 2023 में एयरस्ट्राइक का. सिर्फ इसी एक हमले में 101 लोग मारे गए. जिसमें 44 तो बच्चे थे. 37 महिलाएं थीं.
इजरायल का दावा था कि इस टावर के आसपास और नीचे हमास की सुरंगे थीं. उन्हें खत्म करने के लिए हमला किया गया. लेकिन इसका सबूत नहीं दिया गया. न ही कोई पहले से हमले की वॉर्निंग जारी की गई.