इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफताली बेनेट ने अपने X (ट्विटर) हैंडल पर स्पष्ट तौर पर लिखा कि अब समय आ गया है कि हम ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के खिलाफ एक्ट करें. उनके केंद्रीय ऊर्जा केंद्रों को पूरी तरह से नष्ट कर दें. ताकि आतंकियों के साम्राज्य का खात्मा हो सके. यह हमला आतंक के ऑक्टोपस के सिर पर होगा.
इस आतंक के ऑक्टोपस के कई कायर सूंड़ हैं जैसे- हमास, हिज्बुल्लाह, हूती... कई और. ये हमें मारते हैं. जबकि तेहरान में अयातुल्लाह आराम से अपने महल में बैठा है. हम ईरानी लोगों को आगे बढ़ने का मौका दे सकते हैं. उन्हें विकसित होता देख सकते हैं. उनकी सरकार अपनी ही महिलाओं और बेटियों के साथ गलत करते हैं.
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Israel has now its greatest opportunity in 50 years, to change the face of the Middle East.
The leadership of Iran, which used to be good at chess, made a terrible mistake this evening.
We must act *now* to destroy Iran’s nuclear program, its central energy facilities, and to…— Naftali Bennett נפתלי בנט (@naftalibennett) October 1, 2024
हमारे पास न्याय है. हमारे पास न्याय दिलाने के टूल्स हैं. हिज्बुल्लाह और हमास को तो लकवाग्रस्त कर दिया है. अब बारी ईरान की है. इसके अलावा बेनेट ने लिखा कि ईरान हमारे बच्चों का अपहरण करता है. उसके आतंकी परिवारों को मारते हैं. कस्बों को बर्बाद करते हैं. खेतों को जलाते हैं. जहाजों पर हमला करते हैं.
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इजरायल दे रहा था इस हमले की ट्रेनिंग
कुछ महीनों पहले भी लंदन के एक मीडिया संस्थान ने दावा किया था कि इजरायल ईरान के संवेदनशील साइट्स पर हमला कर सकता है. इसमें परमाणु प्रोग्राम भी शामिल है. इसके लिए वह अपने फाइटर पायलट्स को इसकी ट्रेनिंग दे रहा है. डर इस बात का है कि अगर इजरायल ने न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया तो जंग का रुख तीसरे विश्व युद्ध की तरफ भी मुड़ सकता है.
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ये हैं ईरान के संभावित न्यूक्लियर साइट्स
ईरान के संभावित न्यूक्लियर टारगेट्स हैं- अरक हैवी वाटर रिएक्टर, लश्कराबाद, करज, तेहरान न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर, कोम, बुशहर न्यूक्लियर पावर स्टेशन, गाचिन यूरेनियम खदान और नातांज यूरेनियम एनरिचमेंट फैसिलिटी और एशफहान न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी सेंटर.