यूक्रेन पिछले दो साल से दुनिया की दूसरे नंबर की सबसे ताकतवर रूसी सेना को टक्कर दे रहा है. अब रूस की मदद के लिए उत्तर कोरिया सामने आया है. उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह एक महीने के अंदर अपने सैनिकों को रूस भेजेगा. ताकि यूक्रेन के खिलाफ जंग में वह रूस की मदद कर सके.
अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट कर्ट कैंपबेल ने कहा है कि उत्तर कोरिया बहुत जल्द रूस से लंबी दूरी की न्यूक्लियर मिसाइल टेक्नोलॉजी हासिल करने वाला है. जबकि इसके बदले वह रूस को आर्टिलरी के गोले देगा. इस बीच खबर ये आ रही है कि उत्तर कोरिया ने कई हथियारों वाली मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है.
यह भी पढ़ें: ताइवान, अमेरिका और फिलीपींस... तीन तरफ से जंग की तैयारी में चीन, कायराना हरकतों से उकसा रहा इन देशों को
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया एजेंसी KCNA ने बताया है कि किम जोंग उन के देश ने ऐसी मिसाइल (Multiwarhead Missile) बना ली है, जिसमें एक नहीं बल्कि ज्यादा हथियार लगाए जा सकते हैं. यह एक इंटरमीडिएट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है. जिसका पहला स्टेज सॉलिड फ्यूल इंजन से चलता है.
हाइपरसोनिक मिसाइल फेल हुई, लेकिन नया हथियार बना लिया
यह खुलासा तब हुआ है जब एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर दागी गई हाइपरसोनिक मिसाइल हवा में जाते ही फट गई थी. लेकिन कई हथियारों वाली मिसाइल ने परीक्षण के समय अपने सारे तय मानक पूरे किए. उसके सभी वारहेड अलग-अलग सेपरेट हुए. इन हथियारों को तय किए गए तीन अलग-अलग टारगेट्स पर हिट कराया गया.
यह भी पढ़ें: यहां से शुरू होगा World War 3... चीन की हरकतें दुनिया में कराएंगी कलह
अब उत्तर कोरिया एक साथ करेगा कई टारगेट पर हमला एकसाथ
उत्तर कोरिया ने अब मल्टिपल इंडेपेंडेटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) टेक्नोलॉजी विकसित कर ली है. यानी मिसाइल से एकसाथ कई टारगेट पर हमला करने की क्षमता. इसमें मिसाइल कई हथियारों को लेकर पहले वायुमंडल के ऊपर जाती है. फिर वहां से हथियार को लेकर टारगेट की तरफ बढ़ती है. तय ऊंचाई पर आने के बाद ये हथियार मिसाइल से अलग होकर अपने-अपने टारगेट की तरफ बढ़ जाते हैं.
उत्तर कोरिया के दावे की जांच कर रहे हैं दक्षिण कोरिया और अमेरिका
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के प्रवक्त ली सुंग जून ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने नया खुलासा किया है. लेकिन हम इसे धोखा देने का एक जरिया मान रहे हैं. दक्षिण कोरिया और अमेरिका इस दावे की जांच कर रहा है. दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने इस मिसाइल लॉन्च को संयुक्त राष्ट्र सिक्योरिटी काउंसिल के नियमों का उल्लंघन कहा है. यह भी कहा है कि इससे इस इलाके में शांति भंग होगी.