रूस में भारतीय नौसेना के लिए दो नए जंगी जहाज बन रहे हैं. ये दोनों ही तलवार क्लास के स्टेल्थ फ्रिगेट हैं. एक का नाम आईएनएस तुशील (INS Tushil) है. दूसरे का आईएनएस तमाला (INS Tamala) है. इनमें से तुशील इस साल के अंत तक भारतीय नौसेना को मिल जाएगा. दूसरा अगले साल तक आ जाएगा.
ये दोनों युद्धपोत रूस के यांतर शिपयार्ड में बनाए जा रहे हैं. अब तक तलवार क्लास के 7 युद्धपोत बन चुके हैं. 6 एक्टिव हैं. चार नए जंगी जहाज बनाए जा रहे हैं. दो रूस में और दो भारत में बनेंगे. इन जंगी जहाजों का समंदर में डिस्प्लेसमेंट 3850 टन है. इनकी लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है.
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ये जंगी जहाज समंदर में अधिकतम 59 km/hr की रफ्तार से चलते हैं. अगर इनकी गति को 26 km/hr किया जाएगा तो ये 4850 km तक जा सकते हैं. 56 km/hr की रफ्तार से चलाएं तो ये 2600 km की रेंज पूरा करते हैं. यह जंगी जहाज 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिन तक समंदर में तैनात रह सकता है.
हथियारों का तो पूरा जखीरा लोडेड हैं इनमें
उसके बाद इसमें रसद और ईंधन डलवाना पड़ता है. ये जंगी जहाज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस हैं. साथ ही 4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसमें 24 Shtil-1 मीडियम रेंज की मिसाइलें तैनात हैं. 8 इगला-1ई, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप मिसाइल क्लब, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप और लैंड अटैक ब्रह्मोस मिसाइल भी तैनात है.
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खतरनाक टॉरपीडो और नेवल गन से लैस
इसमें एक 100 मिलिमीटर की A-190E नेवल गन लगी है. इसके अलावा एक 76 mm की ओटो मेलारा नेवल गन लगी है. 2 AK-630 सीआईडब्लूएस और 2 काश्तान सीआईडब्लूएस गन लगी हैं. इन खतरनाक बंदूकों के अलावा दो 533 मिलिमीटर की टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. और एक रॉकेट लॉन्चर भी तैनात की गई है. इस जंगी जहाज पर एक कामोव-28 या एक कामोव-31 या ध्रुव हेलिकॉप्टर लैस हो सकता है.