पाकिस्तान डरा हुआ है. वजह है भारत की अग्नि-5 मिसाइल. जिसका हाल ही में परीक्षण किया गया था. भारत ने इस बार अग्नि-5 मिसाइल में MIRV तकनीक का इस्तेमाल किया. यानी मिसाइल की नाक पर एक हथियार नहीं, बल्कि तीन या उससे ज्यादा हथियार लगाया जा सकता है. मतलब एक ही मिसाइल से कई टारगेट हिट किए जा सकते हैं.
पाकिस्तान को चिंता है कि इस मिसाइल परीक्षण के जरिए भारत अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ा रहा है. यह आशंका जताई है इस्लामाबाद के स्ट्रैटेजिक विजन इंस्टीट्यूट के रिसर्च ऑफिसर हमदान खान. हमदान ने पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट wenews पर एक लेख लिख कर भारत की बढ़ती ताकत पर चिंता जताई है.
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हमदान ने लिखा है कि 11 मार्च 2024 को भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया. यह तीन स्टेज की सॉलिड फ्यूल वाली परमाणु हथियार संपन्न मिसािल है. इसकी रेंज 7 हजार किलोमीटर से ज्यादा है. 2012 के बाद से इस मिसाइल का यह दसवां परीक्षण है.
मध्यम दूरी की मिसाइलों में पहले से लगी थी यह तकनीक
दिसंबर 2022 में इस मिसाइल का रात में परीक्षण किया गया था. ताजा परीक्षण में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. हमदान ने लिखा है कि भारत कई सालों से इस तकनीक पर काम कर रहा था. पहले भी भारत ने इस तकनीक का इस्तेमाल मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में किया है. अग्नि प्राइम ने इसका प्रदर्शन पहले ही कर दिया था.
हमदान ने लिखा है कि भारत ने अग्नि-5 मिसाइल चीन से मौजूद खतरों को देखते हुए विकसित किया था. क्योंकि चीन लगातार अपने परमाणु हथियारों पर काम कर रहा था. उससे बचे रहने के लिए भारत को यह मिसाइल बनानी जरूरी थी. अब अगर बात करें MIRV तकनीक की तो यह भारत की अन्य मिसाइलों को भी ताकतवर बना देगा.
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पाक का डर- एक मिसाइल में कितने हथियार लगाएगा भारत
जमीन से दागी जाने वाली अग्नि-5 और अग्नि-पी मिसाइल, सबमरीन से लॉन्च होने वाली के-4 और के-15 मिसाइलों में अगर यह तकनीक इस्तेमाल होती है, तो भारत की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. अभी तक यह नहीं पता है कि भारत की मिसाइलों में MIRV तकनीक के जरिए कितने परमाणु हथियार एक बार में दागे जा सकते हैं?
हमदान ने लिखा है कि भारतीय मीडिया के मुताबिक तीन से छह हथियार लगाए जा सकते हैं. लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट में इसे 12 भी बताया गया है. लेकिन भारत इतना बेहतर करेगा, इस पर डाउट है. हमदान के मुताबिक भारत के पास इतनी तकनीक और ताकत है कि वह अपने जमीन से लॉन्च होने वाली 50-60 मिसाइलों और सबमरीन से लॉन्च होने वाली मिसाइलों पर 2 से 4 वॉरहेड लगा सकता है.
क्या भारत सच में बढ़ा रहा है परमाणु हथियार... ये है वजह
हमदान कहते हैं कि मिसाइलों पर इतने हथियारों को लगाने के लिए भारत को अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाना होगा. फिलहाल भारत के पास 170 परमाणु हथियार हैं. इसे बढ़ाकर 250-300 करना होगा. ये संभव है कि भारत अपने परमाणु हथियारों की तादात बढ़ा रहा हो. क्योंकि MIRV तकनीक में हथियार लगाने तो होंगे ही.
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हमदान लिखते हैं कि पाकिस्तान के हिसाब से भारत के पास अग्नि-प्राइम मिसाइल है. यह मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसमें MIRV तकनीक लगी है. इसके अलावा के-15 और के-4 मिसाइलें भी इसी तकनीक के साथ लैस हैं. यानी पाकिस्तान को लेकर भारत को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. लेकिन भारत की ताकत तो बढ़ रही है. वह अपने काउंटरफोर्स को मजबूत कर रहा है.
क्या है अग्नि-5 मिसाइल की ताकत... कितनी है मारक क्षमता?
Agni-5 एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है. देश की इकलौती मिसाइल है, जिसकी रेंज में अब रूस के ऊपरी हिस्से से लेकर, आधा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया का उत्तरी हिस्सा, ग्रीनलैंड तक सब जद में आ जाएगा. इसे डीआरडीओ और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने मिलकर बनाया था.
अग्नि-5 मिसाइल का वजन 50 हजार किलोग्राम था. इसका वजन 20 फीसदी से ज्यादा कम किया गया है. यह 17.5 मीटर लंबी है. इसका व्यास 2 मीटर यानी 6.7 फीट है. इसके ऊपर 1500 किलोग्राम वजन का परमाणु हथियार लगा सकते हैं.
29 हजार km/hr की स्पीड से करती है टारगेट की तरफ हमला
इस मिसाइल में तीन स्टेज के रॉकेट बूस्टर हैं जो सॉलिड फ्यूल से उड़ते हैं. इसकी गति साउंड की स्पीड से 24 गुना ज्यादा है. यानी एक सेकेंड में 8.16 किलोमीटर की दूरी तय करती है. यह 29,401 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दुश्मन पर हमला करती है.
इसमें रिंग लेजर गाइरोस्कोप इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम, जीपीएस, NavIC सैटेलाइट गाइडेंस सिस्टम लगा हुआ है. अग्नि-5 मिसाइल टारगेट पर सटीकता से हमला करता है. अगर टारगेट अपनी जगह से हटकर 10 से 80 मीटर तक भी जाता है तो भी वह बचेगा नहीं.
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अभी सूर्य मिसाइल जैसे कई और मिसाइलें बनेंगी... बढ़ेगी ताकत
इस मिसाइल की सबसे खास बात है इसकी MIRV तकनीक (मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स). इस तकनीक में मिसाइल के ऊपर लगाए जाने वॉरहेड (Warhead) की संख्या बढ़ाई जा सकती है. यानी एक मिसाइल एक साथ कई टारगेट पर निशाना लगा सकता है. इसकी तैनाती स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (Strategic Forces Command) में की गई है. इस कमांड के तहत ही भारत की सभी मिसाइलों का संचालन किया जाता है.
इसमें पृथ्वी, अग्नि और सूर्य जैसी मिसाइलें शामिल हैं. सूर्य मिसाइल अभी बनी नहीं है. इसकी रेज 12 से 16 हजार किलोमीटर होगी. उससे पहले अग्नि-6 बनाई जाएगी जो 8 से 12 हजार किलोमीटर रेंज की होगी. इसी कमांड में समुद्र में मौजूद सैन्य मिसाइलें भी शामिल हैं. जैसे- धनुष, सागरिका आदि.