NAG Missile System यानी NAMIS को भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) ने बनाया है. यह एक ट्रैक्ड बख्तरबंद लड़ाकू वाहन के साथ होता है. जिसमें चालक दल रहित टरेत है. जो छह नाम एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल दाग सकता है. नामिका यानी नाग मिसाइल कैरियर अतिरिक्त पहियों वाला विस्तारित लाइंसेस निर्मित बीएमपी-2 है, इसे भारत ने सारथ उपनाम दिया है.
टैंक विध्वंसक के रूप में वर्गीकृत यह सिस्टम थर्मल इमेजर और लेजर रेंज फाइंडर सहित विभिन्न इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल प्रणालियों से सुसज्जित है. नामिका में कुल 12 मिसाइलें हैं. छह रेडी मोड में रहती हैं. छह स्टोरेज में होती है. इसमें साइलेंट वॉच ऑपरेशन के लिए कॉम्पैक्ट सहायक पावर यूनिट, आग का पता लगाने और दमन प्रणाली एवं परमाणु, जैविक, रसायनिक, सुरक्षा प्रणाली है.
यह लड़ाकू वाहन का वजन 14.5 टन है. यह पानी में 7 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलता है. नामिका हंटर-किलर क्षमता के साथ 7.5 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट पर मिसाइलें दाग सकता है. इसमें 4 सैन्यकर्मी होते हैं. इसका आदर्श वाक्य सत्रह मैक हर मैदान फतेह है.
इसे ही ध्रुवास्त्र या हेलिना भी कहते हैं. यह मिसाइल 230 मीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से चलती है. यानी 828 km/hr प्रति घंटा. ध्रुवास्त्र की रेंज 500 मीटर से लेकर 20 km तक है. तीसरी पीढ़ी की 'दागो और भूल जाओ' टैंक रोधी मिसाइल है. जिसे हेलिकॉप्टर, टैंक, बीएमपी या किसी भी आर्मर्ड व्हीकल पर तैनात किया जा सकता है.
नाग एंटी-टैंक मिसाइल का वजन करीब 45 kg है. यह 6 फीट एक इंच लंबी है. इसका व्यास 7.9 इंच है. इसमें 8 किलो विस्फोटक लगाकर इसे बेहतरीन मारक मिसाइल बनाया जा सकता है.