Russia ने अपनी नौसेना में आधिकारिक तौर पर RSM-56 Bulava न्यूक्लियर मिसाइल तैनात कर दिया है. इसे सबमरीन क्रूजर यूरी डोलगोर्की में लगाया गया है. यह रूस की सबमरीन लॉन्च्ड न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल है. इस समय रूस ने अपनी सात पनडुब्बियों में इस मिसाइल को तैनात किया है.
पांच पनडुब्बियां रूस की पैसिफिक फ्लीट में हैं. दो नॉर्दन फ्लीट में शामिल की गई हैं. अगले दशक के शुरूआत तक बोरेई क्लास सबमरीन में भी इन्हें तैनात कर दिया गया है. तब कुल मिलाकर 12 पनडुब्बियों में यह मिसाइल लग जाएगी. बोरेई क्लास सबमरीन में 16 साइलों हैं, यानी इसमें 16 बुलावा बैलिस्टिक मिसाइलें आ सकती हैं.
यह भी पढ़ें: CIA की सीक्रेट पिस्टल, बर्फ की सुई, अंदर मछली का जहर... मरने वाले के शरीर पर नहीं छूटता था हमले का निशान
फिलहाल जो जानकारियां मौजूद हैं, उनके मुताबिक बुलावा मिसाइल तीन स्टेज की है. सॉलिड फ्यूल पर चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है. यह करीब 38 फीट लंबी है. वॉरहेड लगाने के बाद इसकी लंबाई बढ़कर 40 फीट हो जाती है. इसमें 6 से 10 MIRV हथियार लगा सकते हैं. सभी 100 से 150 किलोटन के एटम बम.
इस मिसाइल की रेंज 8300 से 15 हजार किलोमीटर बताई जा रही है. लेकिन इसकी गति का खुलासा कहीं नहीं किया गया है. अगर यह मिसाइल रूस अपनी सीमाओं से दागे तो दुनिया के किसी भी कोने में पहुंच सकती हैं. चाहे वह अमेरिका हो या फिर ऑस्ट्रेलिया. इसका पहला परीक्षण साल 2004 में किया गया था.
यह भी पढ़ें: Russia ने यूक्रेन पर किया ऐसी मिसाइल से हमला, जो राडार में पकड़ ही नहीं आती... Video
लेकिन इसके बाद कई तरह की तकनीकी और डिजाइन की दिक्कतें आईं. उन्हें सुधारने का काम शुरू किया गया. फिर 2010 में इसे टाइफून क्लास सबमरीन दिमित्री डॉनस्कोई से सफेद सागर में दागा गया. यह ट्रायल सफल रहा. इसके बाद आखिरी सफल परीक्षण 2018 में किया गया था.