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अब रूस कर रहा है आग उगलने वाले ड्रोन 'Dragon Breath' की टेस्टिंग, Video आया सामने

यूक्रेन के आग उगलने वाले ड्रोन Dragon Breath से परेशान रूस ने अपने यहां भी इसी ड्रोन की टेस्टिंग शुरू कर दी है. अब वो भी इसी तरह का हमला यूक्रेन पर करेगा. ताकि 2400 डिग्री सेल्सियस का गर्म लोहा जब आसमान से बरसे तो यूक्रेनी टारगेट्स पिघल जाएं. जल कर खाक हो जाएं.

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यूक्रेन की तरह अब रूस भी आग उगलने वाले ड्रोन का परीक्षण कर रहा है. (प्रतीकात्मक फोटोः AFP)
यूक्रेन की तरह अब रूस भी आग उगलने वाले ड्रोन का परीक्षण कर रहा है. (प्रतीकात्मक फोटोः AFP)

रूस इस समय यूक्रेन के Dragon Breath ड्रोन यानी आग उगलने वाले FPV से बहुत परेशान है. काफी नुकसान झेलने के बाद रूस ने अपने ड्रोन की टेस्टिंग शुरू कर दी है. X हैंडर पर इसका वीडियो भी है. रूस एक अनजान जगह पर इस ड्रोन की टेस्टिंग कर रहा है. जहां पर आग उगलते हुए ड्रोन को उड़ते हुए देखा जा सकता है. 

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ये ड्रोन आसमान में उड़ते हुए गर्म पिघला हुआ लोहा गिराता है. इसका तापमान 2400 डिग्री सेल्सियस होता है. इस तापमान में मजबूत कवच वाला टैंक भी पिघल जाए. तो इंसान और उसके छोटे-मोटे हथियार क्या ही कर लेंगे. इस ड्रोन में जो चीज जलाकर नीचे गिराई जाती है, वो होती है आयरन ऑक्साइड और एल्यूमिनियम पाउडर का मिश्रण. 

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क्या है ड्रैगन ब्रेथ ड्रोन की आग, जिसका हो रहा इस्तेमाल? 

यह एक अत्यधिक तापमान वाला केमिकल मिक्सर है. इसमें आयरन ऑक्साइड और एल्यूमिनियम पाउडर मिलाया जाता है. थर्माइट का तापमान 2400 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाता है. यानी इस तरह के हथियार का इस्तेमाल जिस चीज के ऊपर किया जाएगा, वह पिघल जाएगा. 

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टैंकों या बख्तरबंद वाहनों को जला डालता है

यूक्रेनी सैनिक थर्माइट ग्रैनेड भी इस्तेमाल करते हैं. ताकि टैंक, बख्तरबंद वाहन के जरूरी हिस्सों पर हमला कर के उसे जला सकें. अगर यह ग्रैनेड टैंक के हैच के अंदर गिरा दिया जाए तो यह इतना तापमान पैदा कर देता है कि अंदर रखे गोले फटने लगते हैं. इससे टैंक में मौजूद सैनिक मारे जाते हैं. टैंक या बख्तरबंद वाहन पूरी तरह से जल जाता है.

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22 सेकेंड में हो जाता है दुश्मन का खेल खत्म 

आग उगलने वाले ड्रोन के नीचे एक या कई थर्माइट कंटेनर लगाए जाते हैं. एक कंटेनर आमतौर पर सवा दो किलोग्राम का होता है. जो करीब 22 सेकेंड तक जलता है. ये 22 सेकेंड दुश्मन के किसी भी हथियार को जलाकर खत्म करने के लिए पर्याप्त होते हैं. इसलिए अगर कई कंटेनर लगे हैं तो सब आपसे में जुड़े होते हैं. एक के बाद एक जलते रहते हैं. बाद में इन कंटेनर्स को दुश्मन के ऊपर गिरा दिया जाता है. ड्रोन चला जाता है. 

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