scorecardresearch
 

AK-47, M4, HK416... मणिपुर में कुकी विद्रोहियों के पास कहां से आए हाईटेक हथियार?

मणिपुर में एक साल से नस्लीय हिंसा चल रही है. कुकी विद्रोहियों ने अब ड्रोन और देसी रॉकेटों से हमला शुरू कर दिया है. अभी तक किसी को ये नहीं पता कि कुकी विद्रोहियों के पास हाईटेक हथियार आ कहां से रहे हैं. कौन दे रहा है उन्हें इन हथियारों का जखीरा. पढ़िए ये खास खबर...

Advertisement
X
18 मई 2024 को चूराचंद्रपुर जिले में KNF-MC का रेजिंग डे सेरेमनी था. उसमें दिखते कुकी विद्रोही. (फोटोः टोनी सांगबोई ऑफिशियल/यूट्यूब)
18 मई 2024 को चूराचंद्रपुर जिले में KNF-MC का रेजिंग डे सेरेमनी था. उसमें दिखते कुकी विद्रोही. (फोटोः टोनी सांगबोई ऑफिशियल/यूट्यूब)

मणिपुर में मैतेयी और कुकी के बीच हो रही नस्लीय हिंसा में कई हाईटेक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है. इन हथियारों का पता करने के लिए इंडिया टुडे ने मणिपुर हिंसा से जुड़े दर्जनों वीडियो खंगाले. साथ ही मणिपुर पुलिस द्वारा 1 जून 2023 से 12 सितंबर 2024 तक जब्त हथियारों का एनालिसिस किया.  

Advertisement

पता चला कि कुकी विद्रोही भारतीय हथियारों के अलावा चीन, अमेरिका, इंग्लैंड और म्यांमार में बने हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इनमें अधिकतर वैसे हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल भारतीय सिक्योरिटी फोर्सेस भी करती हैं. जैसे- एके-47, इंसान, इसापोर फैक्ट्री में बनी 7.64 मिलिमीटर की सेल्फ लोडिंग राइफल्स और स्टन कार्बाइन. 

यह भी पढ़ें: एयरस्ट्राइक, कमांडो ऑपरेशन करने सीरिया में घुसी इजरायली फोर्स.. ईरानी अफसरों को उठा ले गए

Manipur Ethnic Conflict, Kuki, Meitei, Advanced Weapons

भारत में बनी एडवांस स्वदेशी 'घातक' गन को भी मणिपुर पुलिस ने सीज किया है. सबसे बड़ी दिक्कत और चिंता की बात है विदेशी हथियार. जैसे- M4 कार्बाइन, ये ऐसी राइफल है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका की तीनों सेनाएं करती हैं. अमेरिका में बनी AR-15 सेमी-ऑटोमैटिक राइफल और उसके बाद की M16 असॉल्ट राइफल. इसके अलावा जर्मनी में बनी हेकलर एंड कोच 5.56 राइफल्स. 

Advertisement

एके-47 का चीनी वैरिएंट एके-56, म्यांमार की MA1 MK-3, इसके अलावा ब्रिटेन में बनी एमके-5 राइफल भी कुकी विद्रोहियों के पास देखी गई हैं. सीज की गई हैं. कुकी पहाड़ों के ऊपर रहते हैं. जबकि मैतेयी समुदाय के लोग घाटियों में. 

यह भी पढ़ें: DRDO बना रहा मिसाइलों का बाप... सबमरीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल K-5, जानिए ताकत

Manipur Ethnic Conflict, Kuki, Meitei, Advanced Weapons
पुलिस ने व्हाइट फॉस्फोरस वाले स्मोक ग्रैनेड्स भी जब्त किए हैं. 

HE-36 Mills और MK-3A2 हैंड ग्रैनेड्स, इसके अलावा 51 मिलिमीटर और 81 मिलिमीटर के मोर्टार बम भी मिले हैं. इन्हें कुकी विद्रोही लोकल लॉन्चर से दागते हैं. ये लॉन्चर स्टील की पाइप से बनाए जाते हैं. जिन्हें पंपी कहते हैं. 51 mm वाला मोर्टार एक किलोमीटर और दूसरा वाला 5 किलोमीटर तक टारगेट कर सकता है. 

यह भी पढ़ें: US Navy ने 'मर्डर हॉर्नेट' फाइटर जेट पर लगाई नई AIM-174B मिसाइल, रेंज-स्पीड देख घबरा जाएं दुश्मन

Manipur Ethnic Conflict, Kuki, Meitei, Advanced Weapons

टैंक उड़ाने लायक हाई-एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक हथियार भी हैं. ताकि ये बख्तरबंद वाहनों को भी उड़ा सकें. कुकी नेशनल फ्रंट मिलिट्री काउंसिल या कुकी आर्मी के विद्रोहियों के पास RPG भी हैं. जिनमें 80 और 85 mm के ग्रैनेड दागे जाते हैं. आरपीजी के बारे में तब जानकारी मिली थी, तब चूराचंदपुर जिले के थांगजिंग पहाड़ियों पर कुकी विद्रोहियों का रेजिंग डे हो रहा था. 

Advertisement

कितने हथियार जब्त किए गए

पिछले साल मई से लेकर इस साल फरवरी तक कई जगहों पर पुलिस के हथियार डिपो को लूटा गया है. अभी तक सही आंकड़ा नहीं पता कि कितने हथियार लूटे गए हैं. लेकिन माना जाता है कि एक साल में कुकी विद्रोहियों ने 4000 हथियार लूटे हैं. 

यह भी पढ़ें: 31 ड्रोन, 26 फाइटर जेट और 3 सबमरीन... इस साल के अंत तक तीन डील फाइनल करेगी भारतीय नौसेना

Manipur Ethnic Conflict, Kuki, Meitei, Advanced Weapons
मणिपुर पुलिस ने इस साल 10 सितंबर तक हथियार सीज करने की 161 घटनाएं दर्ज की हैं. 

इंडिया टुडे के एनालिसिस में यह पता चलता है कि मणिपुर पुलिस अन्य सिक्योरिटी फोर्सेस के साथ मिलकर चोरी किए गए हथियारों को वापस हासिल करने का प्रयास कर रही हैं. पिछले एक साल में अब तक मणिपुर पुलिस ने 161 जगहों से हथियार सीज किए हैं. 1 जनवरी से 10 सितंबर 2024 तक सबसे ज्यादा हथियार रिकवरी के 33 मामले कांगपोक्पी से है. इसके बाद पूर्वी इंफाल और थोबल में 25-25, चूराचंद्रपुर में 24, काकचिंग में 19 और बिष्णुपुर में 14. पूर्वी इंफाल में 1 सितंबर को ड्रोन से बम गिराने की घटना के बाद से पुलिस ने एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात कर दिया है. 

Live TV

Advertisement
Advertisement