भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 1 मई 2024 को कलाम आईलैंड से स्मार्ट मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह मिसाइल बेहद खूबसूरत और खतरनाक दिखती है. यह एक लंबी दूरी की सुपरसोनिक एंटी-सबमरीन मिसाइल है. इस मिसाइल की नाक पर 50 किलोग्राम वजनी विस्फोटक लगाया जाता है.
स्मार्ट नाम क्यों दिया गया?
मिसाइल का पूरा नाम है सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो (Supersonic Missile Assisted Release of Torpedo - SMART). असल में यह एक टॉरपीडो है, जिसे मिसाइल की स्पीड और ताकत दी गई है. ताकि समंदर में दुश्मन के जहाज, युद्धपोत या पनडुब्बियों को पानी में दफनाया जा सके.
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इसे कैसे दागते हैं?
SMART मिसाइल को फिलहाल BEML-Tatra TEL ट्रक से दागा जाता है. या फिर इसे किसी भी नौसैनिक युद्धपोत में तैनात किया जा सकता है. वहां से भी इसे वर्टिकल लॉन्च सिस्टम के जरिए दुश्मन की तरफ दाग सकते हैं. इसका वॉरहेड हाई एक्सप्लोसिव होता है. जो टकराते ही भयानक विस्फोट करता है.
किस तरह की मिसाइल है?
इसमें दो स्टेज की सॉलिड रॉकेट इंजन वाली मिसाइल है होती है. जिसमें इलेक्ट्रिक बैट्री से चलने वाली टॉरपीडो लगी होती है. यानी इसे सॉलिड फ्यूल और सिल्वर जिंक बैटरी से आगे बढ़ने की ताकत मिलती है.
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कितनी रेंज और स्पीड है इसकी?
SMART मिसाइल की रेंज 643+20 km है. यानी मिसाइल 643 किलोमीटर तक सुपरसोनिक स्पीड से जाएगी. उसके बाद टॉरपीडो इसी स्पीड का फायदा उठाकर 20 किलोमीटर तक पानी में जा सकता है. इससे दुश्मन को यह आइडिया नहीं लगेगा कि मिसाइल से हमला हो रहा है या टॉरपीडो से. यह 1234 km/hr की गति से दुश्मन की ओर बढ़ती है.
बीच रास्ते में टारगेट और स्पीड बदल सकती है
यह स्मार्ट मिसाइल मिड कोर्स इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम पर चलती है. यानी बीच रास्ते में ही दुश्मन टारगेट को बदला जा सकता है. स्पीड कम या ज्यादा की जा सकती है. इसके लिए बस डेटालिंक भेजना होगा.