इजरायल ने गाजा में मौजूद हमास आतंकियों पर हमला तब किया, जब हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को इजरायल पर घातक हमला किया. सैकड़ों लोगों को बंधक बनाया. इसके बाद इजरायल ने गाजा में खोज-खोजकर हमास आतंकियों को मारा. जमीन पर मारा. सुरंगों में मारा. दूसरे देशों में बमबारी करके मारा.
बीच में कूद पड़ा लेबनान. क्यों. असल में गाजा में मौजूद हमास आतंकियों और लेबनान में मौजूद हिजबुल्लाह आतंकियों को ईरान से मदद मिलती है. यही नहीं यमन के हूती विद्रोहियों को भी ईरान किसी न किसी तरह से मदद करता है. हमास पर हमला हुआ तो हिजबुल्लाह ने इजरायल को दुश्मन मान लिया. हमला कर दिया.
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इसके बदले इजरायल ने लेबनान पर ताबड़तोड़ हमला किया. उसके आकाओं को मारा. लेबनान में घुसकर मारा. पिछली साल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान और लेबनान से कहा था कि हमारे धैर्य की परीक्षा न लें. हम हमास से युद्ध में हैं. आप बीच में आएंगे तो नुकसान हो सकता है. लेकिन लेबनान और ईरान माने नहीं.
भौगोलिक क्षेत्र में इजरायल से आधा है लेबनान, फिर भी कर रखा है नाक में दम
लेबनान क्षेत्रफल के मामले में इजरायल से आधा है. इजरायल 20,770 वर्ग km में फैला है. जबकि लेबनान का इलाका 10,400 वर्ग km का है. इजरायल के अंदर कोई नदी नहीं है. लेबनान में 170 किलोमीटर लंबी नदी है.
इजरायल और लेबनान के बीच 130 किलोमीटर की सीमा है. जिसे ब्लू लाइन कहते हैं. अब हिजबुल्लाह ईरान से मिले देसी मिसाइलों और ड्रोन्स से इजरायल पर हमला करता है. बदले में इजरायल उसपर हवाई स्ट्राइक कर देता है. आइए जानते हैं कि आखिर लेबनान क्या इस स्थिति में है कि वह इजरायल का सामना कर सके?
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इजरायल और लेबनान की आबादी और ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स में रैंकिंग
इजरायल का तटीय इलाका 273 km और लेबनान का 225 km लंबा है. ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स के 145 देशों की सूची में इजरायल की रैंकिंग 18वीं है. लेबनान की 111वीं. आबादी के मामले में लेबनान छोटा है. इजरायल की आबादी 81.4 लाख है. लेबनान की 52.96 लाख. इजरायल के पास 37.44 लाख लोगों का मैनपावर है. लेबनान में 20.65 लाख.
लेबनान में एक्टिव सैनिक इजरायल से आधे से कम
इजरायल के मैनपावर में से 31.11 लाख से ज्यादा लोग सेना में भर्ती के लिए फिट हैं. इनमें 1.24 लाख मिलिट्री में शामिल होने की उम्र तक पहुंच गए हैं. जबकि लेबनान की मैनपावर में से सिर्फ 17.53 लाख लोग ही सेना में भर्ती होने लायक हैं. इनमें से सिर्फ 68,859 लोग मिलिट्री में शामिल होने लायक उम्र तक पहुंच पाए हैं.
लेबनान के पास एक्टिव सैन्यकर्मी मात्र 80 हजार हैं. इजरायल के 1.73 लाख. यानी दोगुने से ज्यादा. इजरायल के पास रिजर्व फोर्स 4.65 लाख है. लेबनान के पास है ही नहीं. इजरायल के पास 8000 जवानों की पैरामिलिट्री फोर्स है. लेबनान के पास 25 हजार जवानों वाली पैरामिलिट्री फोर्स है.
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इजरायल के पास 153 फाइटर जेट्स, लेबनान के पास 9
इजरायल के पास 601 एयरक्राफ्ट हैं. लेबनान के पास सिर्फ 78. इजरायल के पास 241 फाइटर एयरक्राफ्ट हैं. लेबनान के पास एक भी नहीं. इजरायल के पास 32 डेडिकेटेड अटैक एयरक्राफ्ट, वहीं लेबनान के पास सिर्फ 9. इजरायल के पास ट्रेनिंग देने वाले फाइटर जेट्स 153 हैं, जबकि लेबनान के पास मात्र 9.
स्पेशल मिशन पूरा करने के लिए इजरायल के पास 23 एयरक्राफ्ट हैं. लेबनान के पास एक भी नहीं हैं. लेबनान के पास 60 हेलिकॉप्टर हैं. इजरायल के पास 126 हैं. इनमें से 48 अटैक हैं. लेबनान के पास एक भी नहीं.
Towed आर्टिलरी में लेबनान आगे, रॉकेट की ताकत में पीछे
टैंक्स की बात करें तो लेबनान के पास 361 टैंक्स हैं. इजरायल के पास 2200 टैंक्स हैं. लेबनान के पास 9864 बख्तरबंद वाहन हैं, इजरायल के पास 56,290. इजरायल के पास 650 सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी है. लेबनान के पास मात्र 84 हैं.
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लेबनान खींचकर ले जाने वाली आर्टिलरी (Towed Artillery) में इजरायल से आगे हैं. उसके पास 374 टोड आर्टिलरी है. इजरायल के पास 74 कम. इजरायल के पास 300 मोबाइल रॉकेट प्रोजेक्टर्स हैं. लेबनान के पास सिर्फ 30. नौसेना में जहाजों और युद्धपोतों के मामले में लेबनान इजरायल से आगे है. इजरायल के पास 67 जहाज हैं, जबकि लेबनान के पास इससे 19 ज्यादा यानी 86 जंगी जहाजों का बेड़ा है.
इजरायल के पास 5 सबमरीन, लेबनान के पास एक भी नहीं
इजरायल के पास 5 पनडुब्बियां हैं. लेबनान के पास एक भी नहीं. इजरायल के पास 7 कॉर्वेट युद्धपोत हैं. लेबनान के पास एक भी नहीं. इजरायल के पास 45 पेट्रोलिंग वेसल हैं. लेबनान के पास 22. इजरायल के पास 48 एयरपोर्ट्स हैं. लेबनान के पास 8 ही. इजरायल के पास 5 बंदरगाह हैं. लेबनान के पास सिर्फ दो. इजरायल के पास 19,555 km लंबी सड़कें हैं, जबकि लेबनान इस मामले में आगे हैं. उसके पास 21,705 km लंबी सड़कें. इन सड़कों और एयरपोर्ट्स का इस्तेमाल युद्ध के समय इमरजेंसी में किया जा सकता है.