हैदराबाद में गैंगरेप और क़त्ल के आरोपियों के एनकाउंटर की खबर पर वैसे तो ज्यादातर लोग खुश हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जिनका कहना है कि फ़ैसला अदालत से होना चाहिए ना कि एनकाउंटर के ज़रिए. इसी के साथ दिल्ली के लोग बस यही सवाल पूछ रहे हैं कि आख़िर निर्भया के गुनहगारों की सज़ा-ए-मौत की बारी कब आएगी?