दिल्ली में सरकार दावा करती है कि अस्पतालों में बेड की कमी नहीं होने देगी. लेकिन कई प्राइवेट अस्पतालों में ना बेड है, ना वार्ड हैं, और ना ही वेटींलेटर. जिन अस्पतालों में व्यवस्था है, वहां भरती करने के लिए अस्पताल पांच-पांच लाख रुपये मांग रहे हैं. इन प्राइवट अस्पतालों ने इस कोरोना की आपदा को मुनाफे के अवसर में बदल दिया है. दिल्ली के अस्पतालों में कैसे हो रहा है इलाज, देखिए हमारी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट.