प्रदूषण पर दिल्ली-एनसीआर में हालात इमरजेंसी जैसे हैं. इस बात को प्रदूषण मॉनीटर करने वाली एजेंसियां तो समझ रही हैं, लेकिन शायद लोग और सरकारें इसे लेकर उतना गंभीर नहीं, जितना होना चाहिए. एक्यूआई के आंकड़ें रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और नेता अब भी सियासत में लगे हुए हैं. फिलहाल सवाल ये उठ रहा है कि क्या ऑड ईवन को आगे और बढ़ा देना चाहिए?