यूं तो वक्त के साथ सारे दर्द भुलाए जा सकते हैं लेकिन दिल्ली के दंगों ने जो जख्म दिए उसको भुलाया नहीं जा सकता है. नागरिकता कानून के विरोध और समर्थन के नाम पर देश की राजधानी दिल्ली में जो कुछ हुआ उसका दर्द आम लोगों को जिंदगीभर खरोचता रहेगा. बीते तीन दिनों में हुए उपद्रव और आगजनी ने कई घरों की खुशियों को भी जैसे आग के हवाले कर दिया है. सादी जिंदगी गुजर बसर करने वाले कुछ लोगों का एक पल में ही सबकुछ लुट गया और अब वह सड़कों पर आ गए हैं. किसी ने हिंसा के इस दौर में अपनों को खो दिया है जिसका दर्द उन्हें वक्त बेवक्त सालता रहेगा. आजतक उसी हिंसा का शिकार हुए लोगों की दर्दनाक दास्तां आपको बताने जा रहा है. देखिए ये रिपोर्ट.