जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और इससे सटे इलाके शाहीन बाग में वक्त मानों ठहर गया है. 20 दिनों से इन दोनों जगहों पर नागरिकता कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है. जामिया पर हो रहे प्रदर्शन में जहां छात्रों की संख्या ज्यादा है, तो शाहीन बाग पर हो रहे प्रदर्शन में आम लोगों के बीच महिलाओं की बहुतायत है. सड़कों पर डटे लोगों में तीन साल की बच्ची से लेकर तिरासी साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं. पुलिस ने सड़क पर ट्रैफिक बंद कर रखा है, बच्चों ने स्कूल छोड़ रखा है, औरतों ने घरबार. इन सबके बीच हर रोज़ शाम-ए-शाहीन बाग विरोध के नारों से गुलज़ार होती है, परवान चढ़ती है. देखिए ये रिपोर्ट.