scorecardresearch
 
Advertisement

रैपिड टेस्टिंग किट्स का गोरखधंधा, दिल्ली-एनसीआर में ब‍िक रहे खुलेआम

रैपिड टेस्टिंग किट्स का गोरखधंधा, दिल्ली-एनसीआर में ब‍िक रहे खुलेआम

कोरोना के खिलाफ जंग देश जीत जाएगा, लेकिन इसके रास्ते में कुछ कांटे आ जाते हैं. उनमें से एक कांटा है रैपिड टेस्टिंग किट्स, जिसे सरकार ज्यादा-से-ज्यादा मंगा रही है और बनवा रही है. ताकि ज्यादा लोगों का टेस्ट हो सके. लेकिन दिल्ली में ही बेहिसाब मुनाफा के लिए ब्रोकरों ने टेस्ट किट्स बेचना शुरु कर दिया. बगैर किसी हिसाब-किताब के और बगैर सरकार की इजाजत के. हमारे अंडरकवर रिपोर्टर मुहम्मद हिजबुल्लाह और मिलन शर्मा ने दिल्ली से गाजियाबाद तक ऐसे लोगों का पर्दाफाश किया जो कोरोना के इस संकट को बढ़ा रहे हैं. इस गोरखधंधे का कच्चा चिट्ठा आपके सामने रखने के लिए हमारे अंडरकवर रिपोर्टर ब्रोकर बनकर पहुंचे. डीलर से पता चला कि कोविड 19 की जांच के लिए थोक में किट्स बेचे जा रहे हैं और पैसे के लेनदेन का कोई हिसाब नहीं होता. सब कुछ कैश में होता है ताकि सरकार कोरोना के इन गुनहगारों तक पहुंच ना सके.

Their supplies restricted to government facilities and their use paused for nowrapid-test kits have nevertheless made their way into commercial market as demands for fast-tracking Covid diagnosis rose, Aajtak investigation has found. The Special Investigation Team found several suppliers of medical-equipment procuring the tools via illegal channels and selling them out among the communities for home-testing.

Advertisement
Advertisement