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एडमिशन

NEP 2020 का असर: डीयू में बदला PhD करने का नियम, ऐसे होगा दाख‍िला, समझ लें पूरी प्रक्र‍िया

प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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DU PhD Admission Process: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट में एडमिशन प्रक्र‍िया के बदलाव के बाद अब पीएचडी प्रोग्राम में दाख‍िले का नियम भी बदल रहा है. कार्यकारी परिषद की बैठक के दौरान लिए गए फैसले के मुताबिक अब कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के आधार पर पीएचडी एडमिशन (PhD Admission) लेने की तैयारी हो रही है. अब पीएचडी के लिए भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आगामी शैक्षणिक वर्ष से सीयूईटी परीक्षा (CUET PhD) आयोजित करेगा. समझें कितना कुछ बदल जाएगा. 

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शुक्रवार को डीयू के अधिकारियों ने इसकी घोषणा की. इसके बाद अब यह पहली बार होगा जब विश्वविद्यालय (Delhi University) छात्रों को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित करने के बजाय एक कॉमन एग्जाम के माध्यम से पीएचडी प्रोग्राम में एडमिशन देगा. इससे पहले यूनिवर्स‍िटी की ओर से परीक्षा आयोजित कराई जाती थी. साथ ही पीएचडी के लिए नेट क्वालीफाई करने की शर्त अन‍िवार्य तौर पर थी. 

 

प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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CUET से होगा PhD में एडमिशन
विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा है कि एकेडमिक काउंसिल की स्टेंडिंग कमेटी ने पीएचडी में एडमिशन के लिए सीयूईटी की सिफारिश की है. अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी में एडमिशन पर विचार-विमर्श के बाद एकेडमिक सेशन 2023-24 में सीयूईटी को आधार बनाने का फैसला किया गया. इसे कार्यकारी परिषद (ईसी) द्वारा भी स्वीकार किया गया था. इसके बाद अब यह बदलाव होना तय है. 

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दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने पिछले साल CUET-UG के माध्यम से अंडरग्रेजुएट (UG) में एडमिशन लेना शुरू किया और CUET PG के माध्यम से छात्रों को पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन दिया जाएगा. एडमिशन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय-आधारित CUET (PhD) -2023 के माध्यम से होगी. हालांकि, विश्वविद्यालय में सेवारत टीचिंग और नॉन-टीचिंग कैटेगरी सीधे साक्षात्कार के लिए उपस्थित हो सकते हैं, अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है.
 

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MSc में भी CUET से होगा एडमिशन
आधिकारिक सूचना के मुताबिक, "टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को कार्यालय समय के दौरान सौंपे गए कर्तव्यों को प्रभावित किए बिना क्लासेस ले सकते हैं और एग्जाम दे सकते हैं. पीएचडी के लिए ये नियम शैक्षणिक सत्र 2023-2024 से लागू होंगे. इनके अलावा शैक्षणिक सत्र 2023-2024 के लिए अंडरग्रेजुएट (एमबीबीएस/बीडीएस) कोर्स में एडमिशन के लिए मेडिकल साइंस कोर्सेज कमेटी (एमसीएसी) की पात्रता शर्त और सीट मैट्रिक्स सिफारिशों को भी ईसी में मंजूरी दी गई. रेस्पिरेटरी थेरेपी प्रोग्राम में एमएससी एडमिशन भी सीयूईटी (पीजी)-2023 के तहत होगा.
 

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भारत के गुमनाम नायकों और घटनाओं पर होगी रिसर्च
इस बीच, विश्वविद्यालय की 1014वीं एकेडमिक काउंसिल की बैठक में पारित स्वतंत्रता एवं विभाजन अध्ययन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी शुक्रवार को मंजूरी मिल गई. यह केंद्र शोध के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के ऐसे गुमनाम नायकों और घटनाओं पर भी काम करेगा, जिन्हें अभी तक इतिहास में जगह नहीं मिली है. साथ ही भारत विभाजन की त्रासदी के समय की घटनाओं का भी गहन अध्ययन एवं शोध किया जाएगा.
 

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हिंदू स्टडीज में मास्टर्स करने का भी मौका
जनजातीय अध्ययन केन्द्र के गठन को भी मंजूरी दी गई है. यह भारत की विभिन्न जनजातियों पर अध्ययन के साथ एक बहु-अनुशासनात्मक केंद्र होगा. इनके अलावा, ईसी की बैठक में हिंदू अध्ययन केंद्र की स्थापना को भी पारित किया गया था. सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज के तहत हिंदू स्टडीज में मास्टर ऑफ आर्ट्स प्रोग्राम शुरू किया जाएगा.

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ITEP कोर्स में अगले साल शुरू होंगे एडमिशन
बयान में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 से इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) कोर्स चलाने की भी मंजूरी दी गई है. यूनिवर्सिटी ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह चार साल का कोर्स होगा. डीयू के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज, माता सुंदरी महिला महाविद्यालय और जीसस एंड मैरी कॉलेज को सत्र 2023-2024 से एनसीटीई द्वारा आईटीईपी के लिए मंजूरी दे दी गई है. शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 के लिए आईटीईपी कोर्स के लिए डीयू का शिक्षा विभाग और बी एल एड कोर्स चलाने वाले आठ कॉलेज आवेदन करेंगे.

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