NEET UG ऑफलाइन या ऑनलाइन आयोजित कराने को लेकर चल रही बहस को एनटीए ने खत्म कर दिया है. नीट यूजी 2025 एग्जाम पेन-पेपर मोड यानी ऑफलाइन ही होगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इसकी घोषणा कर दी है. एनटीए ने घोषणा की कि अंडरग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) 2025 पेन और पेपर मोड (OMR शीट) बेस्ड होगा. इसके अलावा परीक्षा सिंगल शिफ्ट या सिंगल डे में आयोजित किया जाएगा. यह फैसला नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप लिया गया है.
यह फैसला तब आया है जब शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि उन्हें अभी यह तय करना है कि 2025 के लिए NEET-UG मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित की जाएगी या कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT). 2024 की नीट यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के बाद ऑफलाइन या ऑनलाइन नीट पर बहस तेज हो गई थी.
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी थी ये जानकारी
पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि NEET का प्रशासनिक मंत्रालय स्वास्थ्य मंत्रालय है और इसलिए हम उनके साथ इस बारे में बातचीत कर रहे हैं कि नीट को पेन और पेपर मोड में या ऑनलाइन मोड में आयोजित किया जाना चाहिए. जेपी नड्डा के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ हमारी दो दौर की बातचीत हुई है. परीक्षा आयोजित करने के लिए जो भी विकल्प सबसे उपयुक्त माना जाएगा, एनटीए उसे करने के लिए तैयार है.
अब इन मेडिकल कोर्स के लिए भी देखा जाएगा नीट स्कोर
एनटीए ने यह भी घोषणा की कि इस अधिनियम के तहत शासित सभी मेडिकल संस्थान में BAMS, BUMS और BSMS पाठ्यक्रमों सहित प्रत्येक विषय में यूजी कोर्स में एडमिशन के लिए नीट (यूजी) देना होगा. एनटीए ने कहा कि राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के तहत बीएचएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए भी नीट (यूजी) लागू होगा.
इसके अलावा, साल 2025 के लिए आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस हॉस्पिटल्स में आयोजित किए जा रहे बीएससी नर्सिंग कोर्स में एडमिशन में प्रवेश पाने के इच्छुक मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) उम्मीदवारों को भी नीट (यूजी) क्लियर करना होगा. चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग कोर्स में चयन के लिए शॉर्टलिस्टिंग के लिए नीट (यूजी) स्कोर देखा जाएगा.
बता दें कि एनटीए हर साल मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET आयोजित करता है. एमबीएसएस कोर्स के लिए कुल 1,08,000 सीटें उपलब्ध हैं. MBBS कोर्स के लिए उपलब्ध सीटों में से लगभग 56,000 सीटें सरकारी अस्पतालों में और लगभग 52,000 सीटें निजी कॉलेजों में हैं. दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध में यूजी कोर्स में एडमिशन के लिए भी NEET स्कोर उपयोग किया जाता है.