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क्या JNU के बाद DU भी करा सकता है इन-हाउस PhD एंट्रेंस एग्जाम? VC योगेश सिंह ने दी ये जानकारी

PhD Entrance Exam 2024: इस साल से पहली बार शिक्षक पदों के साथ पीएचडी एडमिशन के लिए UGC NET को आधार बनाया गया था. लेकिन पेपर लीक की आशंक के चलते केंद्र सरकार ने यूजीसी नेट परीक्षा रद्द कर दी. यूजीसी नेट एग्जाम अब 21 अगस्त को आयोजित किया जाएगा. परीक्षा में देरी के चलते जेएनयू फिर से इन-हाउस एग्जाम JNUEE पर विचार कर रहा है. हालांकि डीयू यूजीसी के सुझावों का इंतजार कर रहा है.

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सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)

PhD Entrance Exam 2024: UGC NET पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) पीएचडी एडमिशन के लिए वापस इन-हाउस एंट्रेंस एग्जाम पर लौटने पर विचार कर रही है. इसके के बाद उम्मीदवार दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीएचडीए एंट्रेंस एग्जाम को लेकर कन्फ्यूज थे. अब दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने साफ कर दिया है, उन्होंने जेएनयू की तरह अलग से एंट्रेंस एग्जाम कराने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है. डीयू के वाइस चांसलर योगेश सिंह ने रविवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की तरह अलग से पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करने की कोई योजना नहीं है.

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दरअसल, यूजीसी नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (UGC NET) को शिक्षक पदों के साथ इस साल से पहली बार पीएचडी एडमिशन के लिए आधार बनाया गया था. लेकिन पेपर लीक की आशंका के चलते केंद्र सरकार ने यूजीसी नेट परीक्षा रद्द कर दी. परीक्षा रद्द होने के बाद जेएनयू फिर से सेप्रेट एग्जाम आयोजित करने पर विचार कर रहा है. इसके बाद से दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का मन बना रहे उम्मीदवार संशय में थे कि क्या डीयू भी अलग परीक्षा आयोजित करेगा. फिलहाल डीयू की ऐसी की कोई प्लानिंग नहीं है.

यूजीसी और एनटीए की गाइडलाइंस का इंतजार

डीयू वीसी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा, "हमारी अलग से पीएचडी एडमिशन एग्जाम आयोजित करने की कोई प्लानिंग नहीं है. हम यूजीसी के सुझावों का पालन करेंगे. हमें एनटीए से कोई सूचना नहीं मिली है और हम उनके मार्गदर्शन का इंतजार कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि पीएचडी के लिए शैक्षणिक सत्र में एक महीने की देरी हो सकती है."

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लीक नहीं हुआ था यूजीसी नेट का पेपर!
यूजीसी नेट एग्जाम 18 जून 2024 को आयोजित किया गया था, लेकिन 19 जून को गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा परीक्षा की अखंडता के बारे में चिंता जताए जाने के बाद केंद्र ने परीक्षा रद्द कर दी थी. परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही सीबीआई ने पाया कि प्रश्नपत्र के कथित स्क्रीनशॉट में 'छेड़छाड़' की गई थी, पेपर लीक नहीं हुआ था. शख्स ने धोखे से पैसा कमाने की मंशा से एक ऐप की मदद से पेपर के स्क्रीनशॉट की तारीख बदलकर 17 जून कर दी थी, ताकि लोगों को विश्वास हो सके कि वह इस तरह के पेपर तक पहुंच रखता है और आगामी परीक्षाओं में पैसा कमाया जा सके. बता दें कि अब यूजीसी-नेट 21 अगस्त से 4 सितंबर तक नए सिरे से आयोजित किया जाएगा.

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