पटना में आज सोमवार को अभ्यर्थियों ने 7वें चरण की शिक्षक भर्ती के नोटिफिकेशन की मांग के साथ प्रर्दशन किया, जिसके जवाब में उन्हें पुलिस की बर्बर लाठियों का सामना करना पड़ा. एक दिन पहले ही बिहार के शिक्षामंत्री ने शिक्षा विभाग में साढ़े तीन लाख भर्तियों का ऐलान किया था. ऐसे में जब CTET, STET पास उम्मीदवार भर्ती के प्राथमिक नोटिफिकेशन की मांग कर रहे थे तो डाक बंगला चौराहे पर पुलिस ने उनपर जमकर लाठियां भांजीं.
बिहार: शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर पटना में लाठीचार्ज. एक दिन पहले ही शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग में साढ़े तीन लाख भर्तियों की बात कही थी. ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे थे अभ्यर्थी.
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— Rangroot (@LT_Rangroot) August 22, 2022
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 अगस्त को राज्य में 20 लाख भर्तियों की बात कही थी. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा था कि इन 20 लाख में से साढ़े तीन लाख भर्तियां शिक्षा विभाग में की जाएंगी. वहीं प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों का कहना है कि बीते 3 साल से 7वें चरण की शिक्षक बहाली अटकी हुई है. उन्हें मुंहजबानी ऐलान की जगह आधिकारिक नोटिफिकेशन चाहिए.
क्यों प्रर्दशन कर रहे हैं उम्मीदवार
साल 2006 से बिहार में शिक्षक भर्ती जारी हैं जिन्हें पहले, दूसरे, तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती कहा गया. आखिरी भर्ती 2019 में 6ठें चरण में हुई थी जिसमें 94 हजार भर्तियां निकाली गई थीं. इसमें से 42 हजार पदों पर ही नियुक्ति हो पाई और 50 हजार से ज्यादा पद खाली रह गए. इसके बाद 3 साल से अगली भर्ती का नोटिफिकेशन नहीं जारी किया गया है. इसे लेकर उम्मीदवार पहले भी प्रर्दशन कर चुके हैं. छठे चरण के 42 हजार उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र फरवरी 2022 में बंटे थे.
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी खाली बची सीटों को जल्द से जल्द भरने की मांग करते हुए नई भर्ती, यानी 7वें चरण की भर्ती लाने की मांग कर रहे हैं. उम्मीदवार 2019 के बाद से अब तक 3 वर्षों से अगले नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं मगर सरकार की तरफ से केवल मुंहजबानी वादे मिल रहे हैं आधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं.
प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के अगले चरण की नियुक्ति के लिए तैयारी हेतु पत्र जारी कर दिया गया है। प्रयास है कि जुलाई माह के अंतिम सप्ताह तक सारी तैयारी पूरी कर नियुक्ति का schedule निर्गत कर दिया जाए। अनुरोध है कि इसके लिए चल रहे धरना को समाप्त कर दिया जाए । 🙏 pic.twitter.com/xMgaaEeJi9
— Dipak Kumar Singh (@DipakKrIAS) May 26, 2022
सिस्टम ऑनलाइन करने की भी है मांग
फिलहाल बिहार में शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है. नौकरी पाने के लिए अभ्यर्थी अलग-अलग नियोजन इकाई जाकर अप्लाई करते हैं. बिहार में 8 हजार से अधिक पंचायतें हैं. इसके अलावा नगर परिषद, नगर पंचायत, जिला परिषद आदि भी हैं. ये सब मिलकर अलग-अलग नियोजन इकाई बनाते हैं. जिस भी कैंडिडेट को यहां अप्लाई करना है वो या तो खुद जाकर अप्लाई करता है या फिर पोस्ट के जरिए अप्लाई करता है. एक अभ्यर्थी कम से कम 100 से 150 नियोजन इकाईयों में आवेदन करता है जिससे की उसके भर्ती होने के चांस ज्यादा हों. उम्मीदवारों का कहना है कि इस प्रकिया को ऑनलाइन किया जा सकता है ताकि उम्मीदवारों की भागदौड़ बच सके और गैरजरूरी खर्च भी कम हो.