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CTET 2020: ये हैं जरूरी टॉपिक, रखें इन बातों का खास ध्यान

CTET 2020: सेंट्रल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट परीक्षा पांच जुलाई को होनी थी, जो कि एक बार फिर टल गई है. आइए जानें- इस परीक्षा के पैटर्न और तैयारियों के लिए जरूरी किताबों व टॉपिक्स सहित सही स्ट्रैटजी.

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CTET 2020: जानें जरूरी टॉपिक्स
CTET 2020: जानें जरूरी टॉपिक्स

सेंट्रल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट परीक्षा एक बार फिर टल गई है. कहा जा रहा है कि ये परीक्षा अगस्त में हो सकती है. जानें परीक्षा का पैटर्न सहित जरूरी टॉपिक्स.

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परीक्षा का पैटर्न समझें

बता दें कि सीटैट परीक्षा में दो पेपर्स होते हैं. इसमें पहला पेपर (CTET Paper 1) पहली से पांचवीं कक्षा तक में पढ़ाने की योग्यता परखने के लिए होता है. वहीं दूसरा पेपर (CTET Paper 2) छठी से आठवीं तक पढ़ाने की योग्यता के लिए होता है. इसमें अभ्यर्थी दोनों या सिर्फ एक पेपर दे सकते हैं. परीक्षा के लिए 2.30 घंटे का समय दिया जाता है. 

परीक्षा पेन-पेपर मोड में होती है, जिसमें अभ्यर्थी को मल्टीपल च्वॉइस सवाल हल करने होते हैं. हर सवाल के चार विकल्प होते हैं, जिसमें से एक सही चुनना होता है. इसमें हर सवाल एक अंक का होता है. सीटैट में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है. परीक्षा कुल 150 अंकों की होती है, जिसमें अलग-अलग विषयों से कुल 150 सवाल पूछे जाते हैं. 

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पेपर-1 में को समझें

    चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागोजी - 30 सवाल - 30 अंक
    लैंग्वेज 1 - 30 सवाल - 30 अंक
    लैंग्वेज 2 - 30 सवाल - 30 अंक
    मैथ्स - 30 सवाल - 30 अंक
    एनवायरनमेंटल स्टडीज - 30 सवाल - 30 अंक

पेपर - 2 होगा ऐसा
    चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागोजी (अनिवार्य) - 30 सवाल - 30 अंक
    लैंग्वेज 1 (अनिवार्य) - 30 सवाल - 30 अंक
    लैंग्वेज 2 (अनिवार्य) - 30 सवाल - 30 अंक
    मैथ्स एंड साइंस (मैथ्स व साइंस टीचर के लिए) - 60 सवाल - 60 अंक
या
    सोशल स्टडीज / सोशल साइंस ( सोशल साइंस टीचर के लिए) - 60 सवाल - 60 अंक


CTET qualifying marks जानें

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (NCTE) द्वारा 11 फरवरी 2100 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, टीईटी (TET) परीक्षा में पास होने के लिए अभ्यर्थी को कम से कम 60 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है. इसका मतलब है एक पेपर में सफल होने के लिए अभ्यर्थी को 150 में से कम से कम 90 अंक लाना जरूरी है. 

चाइल्ड डेवलपमेंट के खास टॉपिक्स

चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागोजी में पढ़ाने के तरीकों से जुड़े एजुकेशनल साइकोलॉजी के सवाल पूछे जाते हैं. इसमें पेपर 1 के लिए 6 से 11 साल तक की उम्र के बच्चों को पढ़ाने से जुड़ी साइकोलॉजी पर आधारित सवाल होते हैं. वहीं पेपर 2 में 11 साल से लेकर 14 साल तक की उम्र के बच्चों को पढ़ाने के तरीके व साइकोलॉजी से जुड़े सवाल आते हैं. 

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ये हैं जरूरी टॉपिक्स

पेडागॉजी इशू, कॉग्निशन एंड इमोशंस, मोटिवेशन एंड लर्निंग, एजुकेशन एक्ट से जुड़े सवाल, इंडिविडुअल डिफरेंसेज, स्पेशली एबल्ड लर्नर्स, असेसमेंट एंड इवैल्युएशन, टीचिंग एंड लर्निंग प्रॉसेस, टीचिंग थ्योरी से जुड़े सवाल, समावेशी शिक्षा की अवधारणा (कॉन्सेप्ट ऑफ इन्क्लूसिव एजुकेशन), इन्फ्लूएंस ऑफ हेरिडिटी एंड एनवायरनमेंट, आदि. 

जरूरी किताबें

सीटीईटी में मैथ्स, एनवायरनमेंटल स्टडीज जैसे विषयों में कॉन्सेप्ट्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी, सब्जेक्ट एप्लीकेशन, पेडागॉजिकल अंडरस्टैंडिंग जैसी चीजों पर आधारित सवाल पूछे जाते हैं. इन्हें इन विषयों की बेसिक समझ से हल किया जा सकता है.

लॉकडाउन के दौरान जब आपको इसके लिए ग्रुप स्टडी या कोई क्लास नहीं अटेंड करना संभव नहीं. ऐसे में घर से पेपर 1 के लिए मैथ्स व एनवायरनमेंटल स्टडीज की क्लास 1 से 5वीं तक की एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें एक बार अच्छी तरह पढ़ लें. वहीं पेपर 2 के लिए मैथ्स, साइंस, सोशल स्टडीज / सोशल साइंस की क्लास 6 से 8वीं तक की सभी एनसीईआरटी किताबें जरूर पढ़ें.

 

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