गंभीर धोखाधड़ी की जांच करने वाले कार्यालय SFEO में लगभग 70 पदों को भरने की योजना सरकार बना रही है जिनमें अतिरिक्त एवं उपनिदेशकों के पद भी शामिल हैं.
SFEO शारदा चिटफंड घोटाले सहित कई चर्चित मामलों की जांच कर रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि कार्यालय में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है. यह कार्यालय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन आता है.
सरकार ने SFEO में कम से कम 69 पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे हैं जिनमें फोरेंसिक ऑडिट, पूंजी बाजार, जांच व वित्तीय लेन देन जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त संयुक्त निदेशकों के पद भी शामिल हैं.
सरकारी सूचना के अनुसार उपनिदेशक (जांच) का एक पद भी खाली है. इसके अलावा SFEO में बैंकिंग, पूंजी बाजार, कॉरपोरेट कानून, फोरेंसिक ऑडिट, कराधान, सीमा व केंद्रीय उत्पाद शुल्क जैसे क्षेत्रों में 16 वरिष्ठ सहायक निदेशकों के पद खाली हैं.
SFEO के दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद व कोलकाता स्थित कार्यालयों में इन पदों को प्रतिनियुक्ति आधार पर भरा जाना है.