
Indian Railway Free Training: भारतीय रेलवे न सिर्फ यात्री सुविधाओं को बेहतर करने के दिशा में लगातार प्रयास करती रहती है. बल्कि हाल ही में बेरोजगार युवाओं को रोजगारपरक हुनर सिखाने के मकसद से रेल कौशल विकास योजना (Rail Kaushal Vikas Yojana) भी शुरू की है. इसके लिए भारतीय रेलवे के अलग-अलग मंडलों में रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्कशॉप भी चलाया जा रहा है. साथ ही ट्रेनिंग पूरी होने के बाद प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है ताकि वह अपने इस हुनर का प्रयोग रोजगार के लिए कर सकें.
इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेल (East Central Railway) द्वारा द्वारा रेल कौशल विकास योजना (Rail Kaushal Vikas Yojana) के अन्तर्गत युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया गया और अब तक प्रथम एवं द्वितीय बैच में कुल 146 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है. पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने विद्युत कर्षण प्रशिक्षण केंद्र में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के 15 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया.
इसी क्रम में सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाना, हरनौत में मुख्य कारखाना प्रबंधक दिलीप कुमार ने प्रशिक्षण अवधि की समाप्ति के उपरांत मशीनिस्ट तथा वेल्डर कैटोगरी के क्रमशः 20 एवं 18 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया. साथ ही समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आलोक अग्रवाल ने पर्यवेक्षक प्रशिक्षण केन्द्र, समस्तीपुर तथा यांत्रिक कारखाना समस्तीपुर में फीटर ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कुल 17 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया. प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूरा होने पर काफी संतोष व्यक्त किया है. उन्होंने ज्ञानवर्द्धन और आत्मविश्वास को बढ़ाने में इस प्रशिक्षण को काफी उपयोगी पाया है.
क्या है रेल कौशल विकास योजना?
गौरतलब है कि युवाओं में कौशल विकास के लिए भारतीय रेल में 'रेल कौशल विकास योजना' का शुभारंभ दिनांक 17 सितंबर 2021 को रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार द्वारा किया गया था. रेल कौशल विकास योजना आजादी के अमृत महोत्सव के 75वें साल के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत भारतीय रेल द्वारा अपनाए गए कौशल भारत मिशन का एक अभिन्न अंग है. इस पहल का मूल उद्देश्य युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में गुणात्मक सुधार लाने के लिए प्रशिक्षण कौशल प्रदान करना है.
यह कौशल युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार और उसे उन्नत करेगा. रेल कौशल विकास योजना के अन्तर्गत भारतीय रेल के 17 जोन एवं 07 उत्पादन इकाइयों के 75 प्रशिक्षण केंद्रों में 18 कार्य दिवस में 100 घंटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन 75 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से वर्ष 2024 तक 50 हजार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है. 18 से 35 आयुवर्ग के युवा जो 10वीं कक्षा पास कर चुके हैं, योग्यता के आधार पर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं. यह योजना युवाओं के रोजगार क्षमता में सुधार तथा स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं के कौशल को उन्नत करेगा.
पूर्व मध्य रेल के तीन मंडलों में चल रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम:
भारतीय रेल के 75 प्रशिक्षण केंद्रों में से पूर्व मध्य रेल के 03 प्रशिक्षण केंद्रों पर युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है. रेल कौशल विकास योजना कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षुओं का चयन खुले विज्ञापन और पारदर्शी शॉर्टलिस्टिंग से किया जाता है. प्रशिक्षुओं को 100 घंटे का व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जाता है. प्रशिक्षण के बाद, सभी प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन किया जाता है और सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाता है.
इस संदर्भ में पूर्व मध्य रेल के CPRO राजेश कुमार ने बताया कि आवेदक railkvy.indianrailways.gov.in पर विजिट कर ट्रेड से जुड़ी समस्त जानकारी, प्रशिक्षण संस्थान का विवरण, ऑनलाइन आवेदन पत्र सहित अन्य सभी सूचनाएं आसानीपूर्वक प्राप्त कर सकते हैं.